PATNA: बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में NDRF की 12 टीमों को तैनात कर दिया गया है. वहीं 2 अतिरिक्त टीम को किसी भी हालात से निबटने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है. NDRF के कमांडेंट विजय सिन्हा ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में 12 टीमों को तैनात कर दिया गया है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में हमारी टीम दिन रात काम कर रही है. वहीं आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव ने कहा है कि 7 जिले के 48 प्रखण्ड बाढ़ से प्रभावित है. सभी जगह रेस्क्यू का काम लगातार जारी है. आपदा विभाग को बाढ़ से 1 शख्स के मौत की सूचना मिली है. https://www.youtube.com/watch?v=ZcHpGXGZyG8&t=1s आपको बता दें उत्तर बिहार में बनने वाली लगभग सभी नदियां उफान पर हैं. भारी बारिश की वजह से कमला, बागमती, गंडक, बूढ़ी गंडक और कोसी समूह की नदियों के जलस्तर में भारी इजाफा हुआ है. हालात यह है कि जहां चंद दिनों पहले तक सूखे की स्थिति थी वहां अब हर जगह पानी ही पानी है. सुपौल में कोसी नदी का जलस्तर इस साल के अपने रिकॉर्ड लेवल पर है. निर्मली के इलाके में हजारों परिवार विस्थापित हो गए हैं. मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी, सीतामढ़ी-रक्सौल, मुजफ्फरपुर-सुगौली रेलखंड पर रेलवे ट्रैक धंसने की वजह से ट्रेनों का परिचालन बाधित है. मधुबनी में कमला बलान का तटबंध टूट गया है. जयनगर शहर में बाढ़ का पानी घुस चुका है. जलस्तर को देखते हुए कोसी बराज के सभी 56 फाटक खोल दिए गए हैं। सबसे बुरी स्थिति कमला बराज की है जहां बाढ़ का पानी 3 फीट ऊपर बह रहा है। 1987 के बाद पहली बार कमला बराज के ऊपर पानी चढ़ा है. राहुल सिंह की रिपोर्ट