DELHI : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की जोड़ी यूं ही सबसे अलग नहीं मानी जाती। बड़े फैसले लेने में जोड़ी का कोई सानी नहीं है जम्मू कश्मीर में धारा 370 को हटाने और JK पुनर्गठन संकल्प पेश किए जाने के साथ एक बार फिर से इस बात पर मुहर लग गई है कि मोदी शाह की जोड़ी बेमिसाल है। हफ्ते भर पहले जब जम्मू और कश्मीर का माहौल बदलना शुरू हुआ। सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती हुई टूरिस्टो और तीर्थ यात्रियों को घाटी से वापस आने के लिए एडवाइजरी जारी हुई उसके बाद ही यह माना जा रहा था कि जम्मू कश्मीर को लेकर मोदी सरकार कोई बड़ा फैसला करने वाली है। रविवार की देर रात जम्मू कश्मीर के स्थानीय नेताओं को नजरबंद किया जाना धारा 144 को लागू किया जाना और उसके बाद आज सुबह से हाई लेवल बैठकों का दौर मोदी और शाह की बेजोड़ प्लानिंग का ही नतीजा है। मोदी और शाह की जोड़ी इसलिए भी खास है क्योंकि कश्मीर पर बड़ा फैसला लेने के पहले उन्होंने देश भर में इसके लिए माहौल तैयार किया। देश की जनता जब सरकार के फैसले का बेसब्री से इंतजार करती रही तो आखिरकार अंतिम समय में अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन और धारा 370 हटाने का संकल्प संसद में पेश कर दिया।