बाढ़ में बह गए नीतीश सरकार के सारे दावे, चूड़ा तक नहीं पहुंचा पाई सरकार, चूहे खाने को मजबूर हैं बाढ़ पीड़ित
KATIHAR : बिहार में बाढ़ का कहर लगातार जारी है. उत्तर बिहार की बड़ी आबादी बाढ़ की त्रासदी के सामने बेबस खड़ी है. बाढ़ में फंसे लोग राहत और बचाव के काम से नाराज भी हैं. कटिहार से एक खब
✍ Admin
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KATIHAR : बिहार में बाढ़ का कहर लगातार जारी है. उत्तर बिहार की बड़ी आबादी बाढ़ की त्रासदी के सामने बेबस खड़ी है. बाढ़ में फंसे लोग राहत और बचाव के काम से नाराज भी हैं. कटिहार से एक खबर सामने आई है. ये खबर बताती है कि बाढ़ से निपटने के सरकार के दावे कितने खोखले हैं. यब खबर बताती है कि सरकारी सिस्टम किस तरह हवा-हवाई दावों पर चल रही है.
https://www.youtube.com/watch?v=ITiMhugxGFw&t=57s
चूड़ा नहीं मिला तो चूहा खाने को मजबूर
कटिहार के कदवा प्रखंड के डांगी टोला गांव के लोगों का यह आरोप है कि सरकार बाढ़ में फंसे लोगों तक चूड़ा नहीं पहुंचा पाई. भूख से बेहाल लोगों ने सरकार से मदद की आस छोड़ दी और चूहा खाने को मजबूर हो गए. स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ राहत के नाम पर अब तक चूड़ा मिला नहीं इस लिए क्या करे साहब पूरे परिवार को चूहे पर ही गुजारा करना पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि दिन भर सरकारी मदद की आस तकने से अच्छा है कि खुद पर भरोसा किया जाए और चूड़ा की आस छोड़ चूहे से ही पेट भर लिया जाए.
प्रशासन का बेशर्म बयान
प्रशासन बाढ़ में फंसे लोगों तक चूड़ा नहीं पहुंचा पाई. लोगों का कहना है कि प्रशासन ने अपनी काहिली छुपाने के लिए इसे पुरानी रीत का नाम दे दिया है. सरकारी सिस्टम का आलम देखिए कि यहां के वीडियो साहब को इस बात की इलम भी नहीं है कि यहां के लोग चूहा खाकर जिंदा रहने का संघर्ष कर रहे हैं. स्थानीय विधायक प्रशासन को कोस रहे हैं.