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26-Apr-2020 03:06 PM
DESK : टीम इंडिया के चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव कभी अपनी जिंदगी से इतने परेशान हो गए थे कि वे सुसाइड करना चाहते थे. इसका खुलासा कुलदीप यादव ने एक इंटरव्यू में किया है.
कुलदीप यादव ने बताया कि उन्हें अंडर-15 में सेलेक्शन के वक्त चाइनामैन गेंद नहीं डालने के कारण नहीं चुना गया था, जिसके बाद वह डिप्रेशन में चले गए थे. इससे कुलदीप इतने दुखी हो गए कि उन्होंने सुसाइड करने तक का फैसला कर लिया था. इसके साथ ही वे क्रिकेट छोड़ने का मन बना चुके थे. लेकिन उस मुश्किल वक्त में उनका साथ उनके माता पिता ने दिया और वे उनका मनोबल बढ़ाए जिसकी देन है कि वे आज इस मुकाम पर हैं.
कुलदीप यादव ने इसके साथ ही कहा कि कोलकाता नाइट राइडर्स में शुरुआती दिनों में कप्तान गौतम गंभीर और गेंदबाजी कोच वसीम अकरम का उनके करियर में बड़ा योगदान रहा है. उन्होंने कहा कि 'वसीम अकरम सर मुझे काफी पसंद करते थे. वह मुझसे गेंदबाजी को लेकर ज्यादा बात नहीं करते थे, बल्कि वो मुझे मानसिक तौर पर तैयार करते थे. वह मुझे बताते थे कि जब बल्लेबाज तुम्हें दबाव में डाले तो आपको क्या करना चाहिए. और ग
कुलदीप का कहना है कि गंभीर ने उन्हें टीम में चुने जाने को लेकर आश्वसन दिया था जबकि अकरम ने उन्हें मैच के लिए मानसिक तौर पर तैयारी करने में मदद की थी. कुलदीप ने कहा, 'नाइट राइडर्स में शुरुआती दिनों में गौती भाई का मुझ पर काफी प्रभाव रहा था. वह हमेशा मुझसे काफी बात करते थे. सिर्फ नाइट राइडर्स में ही नहीं बल्कि टीम से जाने के बाद भी वो मुझसे बात करते थे.'
कुलदीप ने कहा, 'चैम्पियंस लीग-2014 से पहले गौतम गंभीर ने मुझे भरोसा दिया था कि मैं हर मैच खेलूंगा. जब आपको कप्तान से इस तरह का भरोसा मिल जाता है तो यह काफी बड़ी बात होती है. इससे आपको आत्मविश्वास मिलता है और आप अच्छा प्रदर्शन करते हो.' वही गौतम गंभीर ने कहा था कि 'तेरा टाइम आएगा और तू खेलेगा. तुम वास्तव में अच्छी गेंदबाजी कर रहे हो, बस छोटी चीजों पर ध्यान रखो और बेसिक्स पर टिके रहो. ज्यादा कुछ करने की कोशिश मत करो.'
बता दें कि अभी कुलदीप यादव टीम इंडिया के चाइनामैन गेंदबाज हैं. 25 साल के कुलदीप ने अबतक 60 वनडे मैच खेले हैं. जिसमें उन्होंने 26.16 की औसत से 104 विकेट हासिल किए हैं. वनडे में कुलदीप का बेस्ट प्रदर्शन 25 रन देकर 6 विकेट रहा है. वनडे में कुलदीप के नाम दो हैट्रिक हैं.