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03-Apr-2026 01:38 PM
By First Bihar
IPL 2026: IPL में अक्सर मुकाबले जितने रोमांचक होते हैं, उतनी ही दिलचस्प कहानियां मैदान के बाहर भी बनती हैं। इस बार चर्चा का केंद्र बना है लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) , जहां हार के बाद जो दृश्य सामने आया, उसने कई पुराने सवालों को फिर से जिंदा कर दिया।
हार के बाद बदला माहौल
1 अप्रैल को दिल्ली कैपिटल्स (DC) के खिलाफ खेले गए मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स को 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। टीम की बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप रही और बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही। लेकिन मैच खत्म होने के बाद जो तस्वीरें सामने आईं, उन्होंने इस हार को और ज्यादा चर्चा में ला दिया।
मैच के तुरंत बाद टीम के मालिक संजीव गोयनका मैदान पर कप्तान ऋषभ पंत और हेड कोच जस्टिन लैंगर से बात करते नजर आए। यह बातचीत सामान्य नहीं लग रही थी। तीनों के बीच काफी गंभीर और तेज अंदाज में बातचीत हो रही थी, जिसे देखकर फैंस ने अपने-अपने अंदाज में कयास लगाने शुरू कर दिए।
वायरल वीडियो और बढ़ती चर्चा
इस बातचीत का कोई ऑडियो सामने नहीं आया, लेकिन बॉडी लैंग्वेज और हाव-भाव ने साफ कर दिया कि टीम के प्रदर्शन को लेकर अंदर कुछ ना कुछ जरूर चल रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही लोगों ने इसे लेकर तरह-तरह की बातें शुरू कर दीं।
यह पहली बार नहीं है जब संजीव गोयनका और किसी कप्तान के बीच इस तरह की स्थिति देखने को मिली हो। इससे पहले भी कई मौके ऐसे आए हैं जब उनकी कप्तानों के साथ बातचीत सुर्खियों में रही है।
केएल राहुल वाला पुराना विवाद
सबसे ज्यादा चर्चा तब हुई थी जब कन्नौर लोकेश राहुल (KL Rahul) के साथ उनकी ऑन-फील्ड बातचीत सामने आई थी। साल 2024 में एक मैच के बाद गोयनका और राहुल के बीच हुई तीखी बातचीत ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। उस समय भी फैंस ने इसे लेकर सवाल उठाए थे कि क्या इस तरह की सार्वजनिक बातचीत सही है।
हालांकि बाद में यह भी सामने आया कि दोनों के बीच सब कुछ सामान्य हो गया था और गोयनका ने राहुल को अपने घर डिनर पर भी बुलाया था। लेकिन उस घटना की छाप आज भी लोगों के दिमाग में ताजा है।
जब धोनी से छिनी कप्तानी
अगर थोड़ा और पीछे जाएं, तो एक और बड़ा मामला सामने आता है, जब महेंद्र सिंह धोनी को कप्तानी से हटाया गया था। यह घटना 2016-17 के आईपीएल सीजन की है, जब राइजिंग पुणे सुपरजायंट में संजीव गोयनका मालिक थे।
2016 में धोनी टीम के कप्तान थे, लेकिन उस सीजन में टीम का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। टीम 14 मैचों में सिर्फ 5 जीत दर्ज कर सकी और पॉइंट्स टेबल में सातवें स्थान पर रही। इसके बाद 2017 सीजन से पहले एक बड़ा फैसला लिया गया और धोनी को कप्तानी से हटाकर स्टीव स्मिथ को नया कप्तान बना दिया गया।
यह फैसला उस समय काफी विवादित रहा। कई पूर्व खिलाड़ियों और फैंस ने इसे धोनी जैसे दिग्गज खिलाड़ी का अपमान बताया। सोशल मीडिया पर भी इस फैसले की जमकर आलोचना हुई थी। हालांकि गोयनका ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि यह फैसला टीम के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया था और वह नई लीडरशिप को मौका देना चाहते थे।
कप्तानों का प्रदर्शन और दबाव
अगर संजीव गोयनका की टीमों में कप्तानों के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो वहां भी उतार-चढ़ाव साफ नजर आता है। धोनी की कप्तानी में टीम 2016 में सातवें स्थान पर रही। इसके बाद जब लखनऊ सुपर जायंट्स टीम बनी, तो KL Rahul को कप्तानी सौंपी गई।
राहुल की कप्तानी में टीम ने 2022 और 2023 में अच्छा प्रदर्शन किया और प्लेऑफ तक पहुंची, लेकिन 2024 में टीम का प्रदर्शन गिर गया और वह सातवें स्थान पर खिसक गई। इसके बाद टीम में बदलाव हुआ और 2025 में ऋषभ पंत को कप्तान बनाया गया।
पंत से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन अब तक उनका प्रदर्शन कप्तान के रूप में उतना प्रभावी नहीं दिखा है। टीम को लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है और बल्लेबाजी में भी स्थिरता नहीं दिख रही है।
मैच का हाल और टीम की हालत
दिल्ली के खिलाफ इस मैच में भी टीम सिर्फ 141 रन ही बना सकी। पंत खुद 7 रन बनाकर रन आउट हो गए, जबकि अन्य बल्लेबाज भी ज्यादा योगदान नहीं दे सके। जवाब में दिल्ली कैपिटल्स (DC) ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया। समीर रिजवी और ट्रिस्टन स्टब्स की शानदार बल्लेबाजी के दम पर दिल्ली ने मैच 2.5 ओवर पहले ही खत्म कर दिया।
लगातार बनता दबाव
इन सब घटनाओं को जोड़कर देखा जाए, तो एक पैटर्न साफ नजर आता है कि संजीव गोयनका की टीमों में कप्तानों पर हमेशा दबाव बना रहता है। मैदान पर मालिक की मौजूदगी और इस तरह की बातचीत कई बार खिलाड़ियों के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकती है।
कुछ लोग इसे टीम के प्रति मालिक की गंभीरता और जुनून मानते हैं, तो कुछ इसे जरूरत से ज्यादा दखल मानते हैं। क्रिकेट जैसे खेल में कप्तान की भूमिका बेहद अहम होती है और उसे फैसले लेने के लिए स्वतंत्र माहौल भी चाहिए होता है।
टीम के सामने बड़ी चुनौती
लखनऊ सुपर जायंट्स की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह साफ है कि टीम को अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। लगातार हार और इस तरह की चर्चाएं टीम के माहौल को प्रभावित कर सकती हैं।
ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले मैचों में टीम किस तरह वापसी करती है और कप्तान के तौर पर ऋषभ पंत किस तरह खुद को साबित करते हैं।