PATNA : देश भर में आज भाई दूज का त्यौहार मनाया जा रहा है. धनतेरस से शुरू हुआ दिवाली का पर्व आज भाई दूज मनाने के साथ खत्‍म हो जाएगा. आज का यह त्यौहार भाई बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है. आज के दिन बहनें अपने भाई को तिलक लगाती हैं और भगवान से उन्‍हें लंबी उम्र देने की प्रार्थना करती हैं. 


भाई दूज को हिंदू धर्म में बहुत महत्‍व दिया गया है. यहां तक कि मान्‍यता है कि यदि भाई अपनी बहन के जाकर भाई दूज का तिलक लगवाए और उसके घर भोजन करे तो उसकी अकाल मौत होने का योग भी खत्‍म हो जाता है. इसीलिए इस दिन को यम द्वितीया भी कहते हैं. हालांकि इस दौरान याद रखना चाहिए कि बहनें अपने भाईयों को राहु काल के दौरान गलती से भी तिलक न लगाएं. ऐसा करना बहुत अशुभ होता है. 


पूजा का शुभ मुहूर्त 
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, भाई को तिलक करने का शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 10 मिनट से दोपहर 3 बजकर 21 मिनट तक है. शुभ मुहूर्त की कुल अवधि 2 घंटे 11 मिनट की है. कुल मिलाकर 2 घंटा 11 मिनट की रहेगी. कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि आरंभ- 5 नवंबर 2021 दिन शुक्रवार को रात 11 बजकर 14 मिनट से, कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि समाप्त-6 नवंबर 2021 दिन शनिवार को शाम 7 बजकर 44 मिनट पर.


पूजा की विधि
भाई दूज के दिन सुबह जल्‍दी नहाकर अपने ईष्ट देव, भगवान विष्णु या गणेश की पूजा करें. इसके बाद भाई के हाथों में सिंदूर और चावल रखें फिर उस पर पान के 5 पत्ते, सुपारी और चांदी का सिक्का रखें. इसके बाद भाई को तिलक लगाएं, उसके हाथ पर कलावा बांधें और फिर पत्तों पर जल डालते हुए भाई की लंबी उम्र के लिए मंत्र पढ़ें. 


बाद में भाई की आरती उतारें, उसे मिठाई खिलाएं. संभव हो तो भाई इस दिन अपनी बहन के घर पर भोजन करें और उसे भेंट दें. हालांकि कुछ जगहों पर बहनें भाई को केवल तिलक लगाती हैं और उसकी आरती उतारकर उसे मिठाई खिलाती हैं. 


भाई दूज के दिन क्या ना करें


भाई दूज मंत्र
भाई दूज के दिन टीका करते समय बहन को भाई के लिए इस मंत्र का जाप करना चाहिए. 

गंगा पूजे यमुना को, यमी पूजे यमराज को।

सुभद्रा पूजे कृष्ण को, गंगा यमुना नीर बहे मेरे भाई आप बढ़ें, फूले-फलें।।