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24-Jul-2020 10:19 AM
DESK : कल सावन महीने की शुक्ल पंचमी तिथि है. इस दिन नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है. शास्त्रों में नागों को पाताल का स्वामी बताया गया है. नाग पंचमी के दिन भगवान शिव के आभूषण नागों की पूजा की जाती है. नागों की पूजा कर आध्यात्मिक शक्ति, सिद्धि और अपार धन की प्राप्ति की जा सकती है. इस दिन एक खास दुर्लभ योग बन रहा है जो काफी शुभ है.
इस बार नाग पंचमी के दिन कालसर्प दोष निवारण का दुर्लभ योग बन रहा है. इसके अलावा इस दिन परिगणित और शिव नामक योग भी बन रहा है. ये सारे योग इस बार की नागपंचमी बहुत शुभ बना रहे हैं.
नागपंचमी के दिन नागों की पूजा के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है.इस के लिए मिट्टी के नाग-नागिन बनाकर उनकी दूध, धान, धान का लावा, दूर्वा, अक्षत, पान आदि से पूजा करें. इससे नागदेवता के साथ महादेव की भी कृपा प्राप्त होगी. नागपंचमी के दिन नारियल पर नाग और नागिन का चांदी का जोड़ा बनाकर मौली से लपेटकर नदी में बहाएं. दूध में मिश्री के दाने और भांग डाल कर शिवलिंग पर अर्पित करें. ऐसा करने से यदि कुंडली में कोई दोष है तो वो दूर हो जायेगा. पूजा के दौरान शिवजी को चंदन तथा चंदन का इत्र चढ़ाना चाहिए और फिर उसे स्वयं भी लगाना चाहिए.
पूजा जब संपन हो जाये तो काले अकीक की माला से राहु ग्रह के बीज मन्त्र का जाप 108 बार करें, इससे भी आपको फायदा मिलेगा. यदि आप इन मंत्रो को नहीं जानते तो इस की जगह गायत्री मंत्र का भी जाप कर सकते हैं.
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