Nag Panchami: नाग पंचमी के पर्व पर देशभर में नाग देवता की पूजा-अर्चना की जाती है. सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाए जाने वाले इस पर्व पर लोग नाग देवता को दूध और लावा अर्पित करते हैं. देश के अलग-अलग हिस्सों में नाग देवता और नागों से जुड़े कई प्राचीन मंदिर भी हैं, जहां नाग पंचमी के अवसर पर विशेष पूजा होती है. इनमें कुछ मंदिर अपनी धार्मिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध हैं, तो कुछ अपनी अनोखी परंपराओं के लिए जाने जाते हैं.


नाग चंद्रेश्वर मंदिर, उज्जैन

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर के ऊपरी हिस्से में नाग चंद्रेश्वर मंदिर है. इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि इसके कपाट साल में सिर्फ एक बार नाग पंचमी के दिन खोले जाते हैं. मंदिर में भगवान शिव के साथ नाग देवता की विशेष प्रतिमा स्थापित है. नाग पंचमी के अवसर पर यहां दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.


मन्नारशाला नागराज मंदिर, केरल

केरल के हरिपद क्षेत्र में स्थित मन्नारशाला नागराज मंदिर सर्प देवता को समर्पित प्रसिद्ध मंदिरों में शामिल है. घने हरियाली वाले क्षेत्र में स्थित इस मंदिर में नागराज के साथ देवी नाग्याक्षी की भी पूजा की जाती है. मंदिर परिसर में नाग देवता से जुड़ी हजारों प्रतिमाएं मौजूद हैं. मान्यता के कारण नाग पंचमी और अन्य विशेष अवसरों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.


कुक्के सुब्रमण्यम मंदिर, कर्नाटक

कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में स्थित कुक्के सुब्रमण्यम मंदिर भगवान सुब्रमण्यम और नाग देवता से जुड़ा प्रमुख धार्मिक स्थल है. यहां भगवान सुब्रमण्यम के साथ नाग वासुकि की पूजा की जाती है. मंदिर पहाड़ों और हरियाली से घिरे क्षेत्र में स्थित है, जिससे इसका धार्मिक महत्व होने के साथ-साथ प्राकृतिक आकर्षण भी खास है.


भुजंग नागराज मंदिर, गुजरात

गुजरात के भुज के पास पहाड़ी क्षेत्र में स्थित भुजंग नागराज मंदिर नाग देवता से जुड़ा प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है. यह मंदिर भुजंग नागराज को समर्पित है. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार उन्होंने इस क्षेत्र की रक्षा की थी. पहाड़ी पर स्थित होने के कारण मंदिर से आसपास के क्षेत्र का खूबसूरत नजारा भी दिखाई देता है.


नागवासुकि मंदिर, प्रयागराज

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा किनारे स्थित नागवासुकि मंदिर नाग देवता को समर्पित प्रमुख मंदिरों में शामिल है. धार्मिक मान्यता के अनुसार नागवासुकि का संबंध समुद्र मंथन से माना जाता है. संगम क्षेत्र में स्थित इस मंदिर में नाग पंचमी के दिन विशेष पूजा-अर्चना होती है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मान्यता है कि संगम में स्नान के बाद नागवासुकि मंदिर में दर्शन करने का विशेष महत्व है.