Bihar News: नीतीश नहीं सम्राट मॉडल ! BJP की हुंकार-अगले तीन महीने में खत्म कर देंगे अपराध BIHAR NEWS : खाकी पर सवाल ! मुजफ्फरपुर कांड में SHO समेत 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, CID करेगी जांच Bihar News : तस्करों पर नहीं, एक-दूसरे पर टूट पड़ी खाकी! तस्करों के बजाय आपस में ही उलझ गई पुलिस, मद्य निषेध विभाग का सिपाही लहूलुहान Patna PNG news : पटना में PNG कनेक्शन अटका ! पाइपलाइन पास, फिर भी गैस नहीं… जानिए क्या बनी सबसे बड़ी बाधा Bihar News : अब ‘तारीख-पर-तारीख’ खत्म! हाईटेक मशीन से घूसखोरों पर कसेगा शिकंजा, सबूत रहेंगे हमेशा सुरक्षित Bihar railway news : वंदे भारत पर पथराव, कोच का शीशा टूटा — बच्चे संग सीट के नीचे छिपी महिला, यात्रियों में दहशत BIHAR NEWS : नीट छात्रा मौत मामला: CBI जांच पर उठे सवाल, POCSO कोर्ट की फटकार के बाद बदला गया IO Bihar Police : 'इंस्पेक्टर से दारोगा बने तो ...', अब नहीं चलेगी मनमानी! DGP बोले- भ्रष्ट पुलिसकर्मी का अब सस्पेंशन नहीं सीधे होगा डिमोशन Bihar News : JDU विधायक के बेटे की सड़क हादसे में मौत, घर से 500 मीटर दूर पेड़ से टकराई थार बेगूसराय में बारात का ‘टशन’ पड़ा भारी: हथियार लहराने वाले 4 के खिलाफ FIR दर्ज, छापेमारी जारी
16-Dec-2025 10:37 AM
By First Bihar
Kharmas 2025: आज से खरमास की शुरुआत हो रही है, जिसके साथ हिंदू धर्म में सभी शुभ-मांगलिक कार्यों पर लगभग डेढ़ महीने तक रोक लग जाएगी। इस बार खास बात यह है कि 8 साल के बाद खरमास के दौरान शुक्र ग्रह का अस्त होना होने वाला है, जिससे शादी-ब्याह, गृहप्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य सिर्फ सूर्य के मकर राशि में गोचर के बाद ही शुरू होंगे।
ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश झा ने पंचांगों के अनुसार बताया कि आज दोपहर 01:24 बजे सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे खरमास प्रारंभ होगा। यह अवधि लगभग एक महीने की होगी और 14 जनवरी 2026 की रात्रि 09:19 बजे सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे, तब खरमास समाप्त होगा और शुभ कार्यों की अनुमति मिलेगी।
खरमास के दौरान मौसम और ऋतु परिवर्तन
सूर्य के धनु राशि में गोचर के दौरान दिन छोटे और रातें लंबी हो जाती हैं। इस समय हेमंत ऋतु रहती है और बादल, धुंध, बारिश और बर्फबारी की संभावना रहती है। जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो उत्तरायण प्रारंभ होता है, दिन बड़े होने लगते हैं और मौसम में बदलाव आता है। सूर्य का राशि परिवर्तन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि मौसम और कृषि गतिविधियों पर भी प्रभाव डालता है।
खरमास में किए जाने वाले कार्य
खरमास के दौरान शादी, गृहप्रवेश, नया व्यवसाय आदि जैसे मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। लेकिन इस दौरान व्यक्ति दान-पुण्य, भागवत कथा, ग्रंथों का पाठ, मंत्र जाप, रामायण पाठ और प्रसूति स्नान जैसे धार्मिक कार्य कर सकते हैं। पंडित राकेश झा ने बताया कि सूर्य का गुरु की राशि धनु में गोचर करने पर यह अवधि शुरू होती है और मकर राशि में प्रवेश पर समाप्त होती है।
खरमास की पौराणिक कथा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान सूर्यदेव अपने सात घोड़ों के रथ पर ब्रह्मांड की परिक्रमा करते हैं। घोड़ों के थकने पर सूर्यदेव ने रथ के दो गधों से खींचने की व्यवस्था की और इस कारण रथ की गति धीमी हो गई। इसी वजह से एक मास के लिए खरमास की अवधि निर्धारित हुई।
वर्ष में दो बार होता है खरमास
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वर्ष में दो बार खरमास लगता है – पहला धनु मास में और दूसरा मीन मास में। इसका कारण यह है कि जब सूर्य गुरु की राशियों (धनु और मीन) में प्रवेश करता है, तो बृहस्पति निस्तेज हो जाता है और विवाह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। वहीं, शादी और विवाह के शुभ योग के लिए बृहस्पति, शुक्र और सूर्य का शुभ होना आवश्यक है। सूर्य मकर राशि में प्रवेश करने के बाद ही विवाह और अन्य मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं।
सूर्य का राशि परिवर्तन समय
सूर्य धनु राशि में प्रवेश: मंगलवार 16 दिसंबर 2025, दोपहर 01:24 बजे
धनु राशि में स्थिति की अवधि: लगभग एक मास
सूर्य का मकर राशि में प्रवेश: 14 जनवरी 2026, रात्रि 09:19 बजे
इस प्रकार, इस वर्ष का खरमास धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और इसका पालन कर लोग शुभ कार्यों में देरी और दैवीय नियमों का सम्मान सुनिश्चित कर सकते हैं।