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05-Apr-2026 11:36 AM
By First Bihar
Chardham Yatra 2026 : उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष 19 अप्रैल 2026 से विधिवत शुरू होने जा रही है। यात्रा को लेकर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं और प्रशासन के साथ-साथ बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने भी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि इस बार यात्रा के दौरान नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा, ताकि मंदिरों की गरिमा बनी रहे और श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन मिल सके।
बीकेटीसी अध्यक्ष के अनुसार, इस बार मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन, कैमरा और वीडियो रील बनाने पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। विशेष रूप से मंदिर के 70 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की फोटो या वीडियो रिकॉर्डिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि दर्शन व्यवस्था बाधित न हो और श्रद्धालु शांत वातावरण में पूजा-अर्चना कर सकें। पिछले वर्षों में सोशल मीडिया के लिए रील और वीडियो बनाने की प्रवृत्ति बढ़ने से भीड़ प्रबंधन में दिक्कतें सामने आई थीं, जिसे ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
चारधाम यात्रा के चार प्रमुख धामों—यमुनोत्री मंदिर, गंगोत्री मंदिर, केदारनाथ मंदिर और बद्रीनाथ मंदिर—के कपाट खोलने की तिथियां भी घोषित कर दी गई हैं। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलेंगे। इसके बाद 22 अप्रैल को सुबह लगभग 8 बजे केदारनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे, जबकि बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त में सुबह करीब 6:15 बजे खुलेंगे। वहीं, हेमकुंड साहिब के कपाट खोलने की तिथि मई में अलग से घोषित की जाएगी।
इस वर्ष यात्रा को लेकर एक और मुद्दा चर्चा में है, वह है गैर-सनातनियों के प्रवेश को लेकर सख्ती। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा है कि चारधाम में गैर सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू किया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी अन्य धर्म के व्यक्ति में सनातन परंपरा के प्रति आस्था है, तो उसे मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है। इस बयान के बाद यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया, खासकर तब जब बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान के चारधाम यात्रा को लेकर सवाल उठाए गए। सारा अली खान पहले भी केदारनाथ और रुद्रनाथ जैसी कठिन यात्राएं कर चुकी हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार ऑनलाइन व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया गया है। बीकेटीसी के अनुसार, विभागीय वेबसाइट के माध्यम से जल्द ही पूजा बुकिंग की सुविधा शुरू की जाएगी, जिससे श्रद्धालु घर बैठे ही अपनी पूजा का समय सुनिश्चित कर सकेंगे। इसके अलावा यात्रा मार्ग में स्थित विश्राम गृहों और अन्य सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। अब तक लगभग 11,68,644 श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं, जो इस यात्रा की लोकप्रियता को दर्शाता है। प्रशासन का लक्ष्य इस बार दर्शन व्यवस्था को और अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाना है, ताकि भीड़ प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सके।
कुल मिलाकर, चारधाम यात्रा 2026 को लेकर सरकार और मंदिर समिति पूरी तरह से तैयार नजर आ रही है। नए नियमों और बेहतर सुविधाओं के साथ इस बार की यात्रा श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करने वाली होगी।