पश्चिम बंगाल के श्यामपुर क्षेत्र में मनरेगा (100 दिन रोजगार योजना) के धन के कथित गबन और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर एक तृणमूल कांग्रेस नेता को ग्रामीणों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा। आरोप है कि गुस्साए ग्रामीणों ने नेता को घेर लिया, उनका सिर मुंडवा दिया, गले में जूतों की माला पहनाई और कमर में रस्सी बांधकर पूरे इलाके में घुमाया। इस घटना से क्षेत्र में सनसनी और तनाव का माहौल बन गया।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, तृणमूल नेता सन्न्यासी मान्ना पर मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और गरीब लोगों के पैसे के गबन के आरोप लंबे समय से लग रहे थे। इन आरोपों को लेकर क्षेत्र के लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ रही थी।
बताया जा रहा है कि इसी नाराजगी के चलते बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान स्थिति धीरे-धीरे उग्र होती गई और भीड़ ने सन्न्यासी मान्ना को घेर लिया।
आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पहले सन्न्यासी मान्ना का सिर मुंडवाया, फिर उनके गले में जूतों की माला पहनाई। इसके बाद उनकी कमर में रस्सी बांधकर पूरे इलाके में घुमाया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गरीबों के हक का पैसा हड़पने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
घटना की सूचना मिलते ही श्यामपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया और सन्न्यासी मान्ना को भीड़ के कब्जे से सुरक्षित बाहर निकालकर थाने ले गई। फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।