DELHI: बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के मंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों के बीच राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दीपक प्रकाश केवल कुछ महीनों के लिए नहीं, बल्कि एनडीए सरकार के पूरे कार्यकाल तक मंत्री बने रहेंगे।


बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के भविष्य को लेकर जारी राजनीतिक चर्चाओं के बीच राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने स्पष्ट कर दिया है कि उनके बेटे दीपक प्रकाश मंत्री पद पर बने रहेंगे और अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित रालोमो के राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद मीडिया से बातचीत में उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि दीपक प्रकाश को मंत्री पद की शपथ पूरी सोच-समझकर दिलाई गई थी। यह फैसला केवल उनकी पार्टी का नहीं, बल्कि एनडीए नेतृत्व और सहयोगी दलों की सहमति से लिया गया था।


उन्होंने कहा कि दीपक प्रकाश दो-चार महीने के लिए मंत्री नहीं बनाए गए हैं। जब उन्हें मंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी, तब भी वे किसी सदन के सदस्य नहीं थे। इसलिए उनके मंत्री पद को लेकर किसी तरह का संशय नहीं होना चाहिए।इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी दीपक प्रकाश के मंत्री पद को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा था कि वह वर्तमान में मंत्री हैं और आगे भी बने रहेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया था कि संविधान के तहत कोई व्यक्ति बिना विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बने भी पांच महीने 29 दिन तक मंत्री रह सकता है।


दरअसल, हाल ही में हुए बिहार विधान परिषद चुनाव में भाजपा ने दीपक प्रकाश को एमएलसी उम्मीदवार नहीं बनाया था। इसके बाद उनके मंत्री पद को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई थीं। माना जा रहा था कि एमएलसी नहीं बनने की स्थिति में उनका मंत्री पद खतरे में पड़ सकता है। हालांकि उपेंद्र कुशवाहा ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि इस विषय का समाधान निकाल लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि एनडीए नेतृत्व ने जिस सोच के साथ दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया है, उसी के अनुरूप आगे की प्रक्रिया भी पूरी होगी।


गौरतलब है कि दीपक प्रकाश ने 7 मई 2026 को बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री के रूप में शपथ ली थी। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार उन्हें छह महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना होगा। ऐसे में आगामी महीनों में एनडीए इस चुनौती का समाधान कैसे निकालता है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।