Bihar Politics: बिहार की राजनीति में मोकामा विधायक अनंत सिंह को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद अब उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की कवायद तेज हो गई है।
अनंत सिंह की विधायकी खत्म कराने के सिलसिले में जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा सोमवार को विधानसभा पहुंचे और विधानसभा अध्यक्ष को अनुशंसा पत्र सौंपा। उमेश कुशवाहा ने अनंत सिंह की सदस्यता समाप्त करने के संबंध में विधानसभा अध्यक्ष को दस पन्नों के दस्तावेजी सबूत के साथ वीडियो भी सौंपा।
जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी के विरोध में जो अनंत कुमार सिंह की गतिविधि थी। पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ उन्होंने प्रचार प्रसार किया। उन्होंने विपक्ष के उम्मीदवार अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार किया। हमारे नेता के खिलाफ वे लगातार बोलते रहे। नेतृत्व के खिलाफ बयानबाजी करते रहे। जिसपर पार्टी ने एक्शन लिया।
उन्होंने कहा कि पार्टी से 6 साल के लिए अनंत सिंह को निकाल दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष को उनकी सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा की गई थी। आज विधानसभा आए थे कि उसपर क्या एक्शन लिया गया है। विधानसभा के सचिव से मुलाकात हुई है। मामले पर कार्रवाई चल रही है और नोटिस जारी किया जाएगा।
जेडीयू की ओर से सौंपे गए अनुशंसा पत्र के बाद इस मामले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अनंत सिंह को जेडीयू से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद पार्टी की ओर से उनकी विधायकी समाप्त करने की पहल को अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। अब इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष के स्तर पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।