PATNA: बिहार में सम्राट चौधरी की अगुआई में बनी सरकार में कैबिनेट विस्तार के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बीजेपी और प्रधानमंत्री पर तीखा हमला बोला है. तेजस्वी ने कहा है कि सरकार में सीएम से लेकर मंत्रियों की कुल संख्या 35 है, जिसमें से 17 परिवारवादी है. तीन मंत्री तो ऐसे हैं जो सीधे पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे हैं. परिवारवाद के सहारे कुर्सी पाने वाले दो मंत्री ऐसे हैं जो विधायक या विधान पार्षद तक नहीं हैं. तेजस्वी ने कहा कि ये साफ हो गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही परिवारवाद के पोषक हैं.  इसका सबूत सम्राट चौधरी की कैबिनेट है. ऐसे में अब प्रधानमंत्री किसे शहजादा और युवराज कहेंगे?


तेजस्वी यादव ने आज पटना के RJD कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि बीजेपी और एनडीए वाले परिवारवाद का रोना रोते थे, अब खुद परिवारवाद का सबसे बड़ा उदाहरण पेश कर रहे हैं. तेजस्वी ने खासतौर पर तीन मंत्रियों का नाम लेते हुए कहा कि निशांत कुमार (नीतीश कुमार के बेटे), संतोष सुमन (जीतन राम मांझी के बेटे) और नीतीश मिश्रा (पूर्व CM जगन्नाथ मिश्र के बेटे) किसके प्रतीक हैं. 


ऐसे मंत्रियों को क्या कहेंगे

तेजस्वी ने व्यंग्य करते हुए पूछा कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन तीनों को क्या कहेंगे? शहजादा? युवराज? राजकुमार? पहले तो वे कांग्रेस पर ये शब्द इस्तेमाल करते थे, अब बिहार में खुद परिवारवाद के प्रतीक बन गये हैं. 


सम्राट चौधरी और विजय चौधरी पर भी सवाल

तेजस्वी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी परिवारवाद का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सम्राट खुद परिवार के सहारे राजनीति में आयै हैं. उनके पिता शकुनी चौधरी मंत्री रह चुके हैं, मां विधायक रहीं और भाई भी चुनाव लड़ चुके हैं। सम्राट चौधरी बिना चुनाव लड़े मंत्री बने, फिर वे कैसे शहजादे नहीं? डिप्टी सीएम विजय चौधरी के पिता भी विधायक थे. 


नीतीश और उपेंद्र के बेटे पर सवाल

तेजस्वी ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश कुशवाहा पर सबसे ज्यादा हमला बोला। उन्होंने कहा, ये दोनों बिना चुनाव लड़े, बिना विधायक या MLC बने सीधे मंत्री बन गए। प्रधानमंत्री जी, ये आपके शहजादे नहीं तो और क्या हैं? किस आधार पर उन्हें मंत्री बनाया गया है. 


पूरा एनडीए परिवारों का गठबंधन

तेजस्वी ने कहा कि बिहार का पूरा NDA परिवारवाद पर टिका हुआ है। उन्होंने अलग-अलग पार्टियों को गिनाया. उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान की LJP (आर), नीतीश कुमार की JDU, जीतन राम मांझी की HAM और उपेंद्र कुशवाहा की RLSP परिवारवाद नहीं तो किस तरह की राजनीति की प्रतीक है. 


उन्होंने कहा कि BJP के भी ज्यादातर मंत्री परिवार से आ रहे हैं. 17 परिवारवादी मंत्रियों की लिस्ट गिनाते हे तेजस्वी ने कहा कि ये सब परिवारवाद का हिस्सा हैं. परिवारवादी मंत्रियों की तेजस्वी की सूची में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम विजय चौधरी, निशांत कुमार, नीतीश मिश्रा, संतोष सुमन , दीपक प्रकाश कुशवाहा, श्रेयसी सिंह, अशोक चौधरी, सुनील कुमार, रमा निषाद, शीला मंडल, बुलो मंडल, लेशी सिंह, श्वेता गुप्ता, संजय टाइगर, भगवान सिंह कुशवाहा और रामकृपाल यादव का नाम शामिल है. 


तेजस्वी का कहना है कि जो लोग कल तक परिवारवाद के खिलाफ भाषण देते थे, आज खुद उसी की मिसाल बन गए हैं. अभी तक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी या BJP की तरफ से इस आरोप पर कोई बड़ा जवाब नहीं आया है. लेकिन साफ है कि बिहार की राजनीति में परिवारवाद बनाम विकास का मुद्दा फिर से गर्म हो गया है.