Dhirendra Krishna Shastri Controversy: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान श्री कृष्ण को लेकर दिए गए बयान पर बिहार में सियासत गरमा गई है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने धीरेंद्र शास्त्री पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने उन्हें ‘सत्ता पोषित मानसिक विक्षिप्त’ बताते हुए कहा कि राम और कृष्ण एक-दूसरे के पूरक हैं. नफरत फैलाने वाले लोग अब इंसानों के बाद भगवान को भी बांटने लगे हैं.


तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की टिप्पणी पर कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने भगवान श्री कृष्ण को लोक एकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि धार्मिक सीमाओं से परे उनकी पूजा होती है. ऐसे में भगवान कृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी अशोभनीय, अक्षम्य और अमर्यादित है.


तेजस्वी ने अपने पोस्ट में लिखा कि राजनीतिक लोभ में आखिर कोई कितना नीचे गिरेगा. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा. तेजस्वी ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री को संरक्षण देने वाले प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के नेताओं को सामने आकर देश, समाज और सनातनियों से माफी मांगनी चाहिए.


धीरेंद्र शास्त्री ने राम और कृष्ण की तुलना में क्या कहा था?

दरअसल, मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान राम और भगवान श्री कृष्ण की तस्वीरों की तुलना करते हुए टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि भगवान कृष्ण तीन जगह से टेढ़े होकर खड़े होते हैं, उनके हाथ में बांसुरी होती है और उनका शरीर भी एक खास मुद्रा में रहता है. वहीं भगवान राम सीधे खड़े होते हैं और उनके हाथ में धनुष होता है.


अपने संबोधन में उन्होंने भगवान राम के सीधे स्वरूप और अयोध्या का जिक्र करते हुए भगवान कृष्ण के वृंदावन और बांसुरी बजाने की मुद्रा पर भी टिप्पणी की थी. इसी बयान को लेकर सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया और कई लोगों ने नाराजगी जाहिर की.


विवाद बढ़ने पर धीरेंद्र शास्त्री ने मांगी माफी

भगवान श्री कृष्ण को लेकर दिए गए बयान पर विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने माफी भी मांगी. उन्होंने कहा कि उनके नाम में भी भगवान श्री कृष्ण का नाम जुड़ा हुआ है और उन्हीं की कृपा से उनका जीवन है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य भगवान को बांटना नहीं था.


धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उनकी बात या व्याख्या से किसी की भावना को ठेस पहुंची है तो वे इसके लिए क्षमा प्रार्थी हैं. वहीं, इस पूरे विवाद के बीच तेजस्वी यादव के बयान ने बिहार की राजनीति में भी इस मुद्दे को गरमा दिया है.