ए नीतीश जी, बिहार छोड़के काहे जात बानी..2030 तक रहे के बा, भोजपुर में बुजुर्ग और युवक ने मुख्यमंत्री को कर दिया भावुक सिकरहना नदी में दर्दनाक हादसा: शौच के दौरान फिसलकर डूबा 12 वर्षीय बालक, 6 घंटे बाद मिला शव देश के किसी भी व्यक्ति को वंदे मातरम से नफरत नहीं होनी चाहिए, छात्रावास के निरीक्षण के बाद बोले मंत्री लखिन्द्र कुमार रौशन Pradosh Vrat 2026: मार्च का आखिरी सोम प्रदोष व्रत कब? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और संपूर्ण पूजा विधि आरा सिविल कोर्ट धमाका केस में बड़ा फैसला: सभी दोषी बरी, फांसी की सजा भी रद्द रामनवमी के मौके पर पटना के कई इलाकों से डाकबंगला पहुंचेगी भव्य शोभा यात्रा, मंच पर नजर आएंगे टीवी के भगवान राम बिहार में गांजा की बड़ी खेप बरामद, पुलिस की भनक लगते ही तस्कर फरार; गाड़ी मालिक पर केस दर्ज पटना में रामनवमी की तैयारी पूरी, महावीर मंदिर की सुरक्षा ATS के हवाले Bihar News: घोटालेबाज अफसर को मिली सजा, अरबों की सरकारी राशि के खेल में थे शामिल, सृजन घोटाले में मिला यह दंड सुपरहिट फिल्म में दिखे, लेकिन खुद ही नहीं देख पाए ‘धुरंधर 2’… ऑटो ड्राइवर एक्टर की कहानी ने छू लिया दिल
23-Mar-2021 11:33 AM
PATNA : बेरोजगारी और कानून व्यवस्था जैसे मसले पर आज आरजेडी का विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यादव आज नीतीश सरकार को अपनी ताकत दिखा रहे हैं, लेकिन तेजस्वी के बाद अब कन्हैया भी नीतीश सरकार को चुनौती देंगे. कन्हैया कुमार किसान आंदोलन के समर्थन में अब बिहार के किसानों को गोलबंद करने में जुट गए हैं. 24 मार्च यानि बुधवार को कृषि कानूनों के खिलाफ विधानसभा घेराव का कार्यक्रम है.
बिहार में किसान आंदोलन को रफ्तार देने के लिए कन्हैया सोमवार को रोहतास पहुंचे और वहां किसान महापंचायत में शामिल हुए. कन्हैया कुमार के साथ किसान महापंचायत में स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव भी मौजूद थे. यहां उन्होंने किसानों से अपील की कि 24 तारीख को होने वाले विधानसभा घेराव के कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें. सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए यह बेहद जरूरी है.
कन्हैया ने केंद्र सरकार की तरफ से लाए गए नए कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि दिल्ली में महीनों से किसान धरने पर बैठे हैं लेकिन बिहार के किसानों को इस मामले में एक छोटे दायरे में बांधकर के देखा जा रहा है. सरकार की तरफ से तय किए गए एमएसपी से नीचे की दर पर किसान अपनी फसल बेचने को मजबूर है. नीतीश सरकार का दावा बिहार में एमएसपी को लेकर बेहद खोखला है.