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18-Apr-2020 04:03 PM
PATNA : अप्रवासी बिहारियों को लेकर अब बिहार में सियासत गरमाती दिख रही है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मामले में बिहार सरकार को उनके राजधर्म की याद दिलाते हुए सरकार को फंसे लोगों की सुध लेने को कहा है अब इस राजनीति में सीनियर लीडर शरद यादव भी तेजस्वी के साथ हो लिए हैं।
शरद यादव ने केन्द्र और बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार गरीबों के साथ भेदभाव कर रही है। संपन्न लोगों को विदेशों से विमानों में लाया गया। कुठछ राज्य सरकारें अपने छात्रों और अन्य लोगों को लग्जरी बसों से ला रही है वहीं मजदूर भाई पैदल चल कर ही अपने राज्यों में पहुंच रहे हैं और तो और पुलिस उनपर लाठी चार्ज भी कर रही है। ये भेदभाव की ऊंचाई की सारी सीमाओं को लांघ रहा है।
शरद यादव ने लॉकडाउन की सफलता पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होनें कहा कि शादी-ब्याह भी हो रहे हैं और लोग बैंकों-स्टेशनों पर जुट रहे हैं। उन्होनें कहा कि बिहार-यूपी के मजदूर भाई हर जगह फंसे पड़े हैं रो रहे हैं।उनके पास खाने का इंतजाम नहीं है। यूपी सरकार विशेष बसें भेज रही है फंसे हुए लोगों को उनके घर पहुंचाने के लिए और बिहार सरकार ने सीधे-सीधे इससे इंकार कर दिया है। उन्होनें कहा कि इसमें भी राजनीति हो रही है दो जगहों के लिए दो तरह का कानून क्यों लागू हो रहा है। सभी फंसे लोगों को उनके घर पहुंचाने की जिम्मेवारी केन्द्र सरकार को उठानी चाहिए थी।
बता दें कि तेजस्वी यादव ने उप्र के मुख्यमंत्री के द्वारा बस भेजकर राज्य के बाहर फंसे छात्रों को वापस लाने के कदम का स्वागत करते हुए नीतीश सरकार को उनके राजधर्म की याद दिलायी थी और कहा था कि बिहार सरकार अनिर्णय की स्थिति में क्यों हैं? अप्रवासी मजबूर मजदूरों और छात्रों से इतनी बेरुखी भरा व्यवहार क्यों है? बिहार में तीन दिनों में तीन गरीब मजदूरों की मृत्यु हो चुकी है। उनके प्रति असंवेदनशीलता क्यों है?