Bihar Politics: लालू यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। इसकी जानकारी खुद तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया के जरिए दी है।



तेज प्रताप यादव ने आरोप लगाया है कि उन्हें एक मोबाइल नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने वीडियो वायरल करने की धमकी दी और इसके बदले पैसे की मांग की। साथ ही, तेज प्रताप यादव ने दावा किया कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई है।



तेज प्रताप यादव ने एक्स पर लिखा, “धमकी, ब्लैकमेलिंग और पैसे की मांग के मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग

आज दोपहर 3 बजकर 11 मिनट पर मुझे मोबाइल नंबर 7520322647 से फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को एक मीडिया हाउस से जुड़ा हुआ बताते हुए मुझे जान से मारने की धमकी दी तथा वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने और पैसे की मांग करने का प्रयास किया।


यह मामला केवल मेरे लिए ही नहीं, बल्कि जनशक्ति जनता दल से जुड़े अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। उक्त व्यक्ति पार्टी से जुड़े कई लोगों को फोन कर परेशान कर रहा है, धमकियां दे रहा है और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कथित रूप से पैसे की मांग कर रहा है।


मैं सरकार एवं संबंधित प्रशासन से मांग करता हूँ कि मोबाइल नंबर 7520322647 की तत्काल जांच कराकर फोन करने वाले व्यक्ति की पहचान की जाए और उसके विरुद्ध कानून के अनुसार शीघ्र एवं कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, मेरे एवं पार्टी से जुड़े सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। धमकी, ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून से ऊपर कोई नहीं है।”



इस घटना के बाद तेज प्रताप यादव की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। तीन दिन पहले, 30 अगस्त को पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने बिहार और केंद्र सरकार से अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी। तेज प्रताप ने सोशल मीडिया पर कहा था कि पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलने के कारण वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में खुलकर हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी।


तेज प्रताप यादव की Y श्रेणी की सुरक्षा इसी साल जून में वापस ले ली गई थी। फिलहाल पूर्व विधायक की हैसियत से उन्हें एक सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराया गया है। अब जान से मारने की धमकी और पैसे की मांग किए जाने के उनके दावे के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।