Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। पहले चुनावों में उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई थी, जिसके बाद अन्य दलों के समर्थन से किसी तरह सरकार बनाने और शपथ ग्रहण का रास्ता साफ हुआ। लेकिन अब फ्लोर टेस्ट से पहले एक नया संकट खड़ा हो गया है।


दरअसल, मद्रास हाईकोर्ट ने TVK के विधायक आर. श्रीनिवासा सेतुपति को शपथ लेने से रोक दिया है। सेतुपति ने तिरुपत्तूर सीट से चुनाव लड़ा था और मात्र 1 वोट के बेहद करीबी अंतर से जीत दर्ज की थी। उन्हें 83,365 वोट मिले थे, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी डीएमके उम्मीदवार के.आर. पेरियाकरुप्पन को 83,364 वोट प्राप्त हुए थे।


पेरियाकरुप्पन ने डाक मतों की गिनती में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने फिलहाल सेतुपति को विधायक पद की शपथ लेने से रोक दिया है। इस रोक के चलते वे फ्लोर टेस्ट में भी हिस्सा नहीं ले पाएंगे।


तमिलनाडु की 234 सीटों वाली विधानसभा में TVK को 108 सीटें मिली हैं। इनमें से दो सीटों पर विजय स्वयं जीते हैं। यदि एक सीट पर असर पड़ता है तो आंकड़ा 107 रह जाएगा। बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है।


हालांकि कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआईएम और वीसीके ने TVK को समर्थन देने का ऐलान किया है, जिससे कुल समर्थन आंकड़ा 121 तक पहुंचता है। ऐसे में गणितीय रूप से पार्टी को फ्लोर टेस्ट में बहुमत मिल सकता है, भले ही सेतुपति वोट न दे पाएं। फिर भी राजनीतिक परिस्थितियों में किसी भी तरह के बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए सेतुपति की शपथ पर रोक को विजय के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।