Bihar News: सम्राट कैबिनेट में पहली बार चुनाव लड़कर विधायक बनी श्वेता गुप्ता की खूब चर्चा हो रही है. चर्चा हो भी क्यों नहीं, पहली बार की विधायक मंत्री बन गईं, वो भी समाज कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विभाग का. श्वेता गुप्ता को मंत्री बनाकर जेडीयू ने एक साथ कई मैसेज दिए हैं. इनमें सबसे खास मैसेज शिवहर लोकसभा को लेकर है. 

श्वेता गुप्ता को मंत्री बनाकर जेडीयू ने दिया बड़ा मैसेज 

शिवहर से 2025 में विधायक बनीं श्वेता गुप्ता पेशे से डॉक्टर हैं। यह वैश्य में (सूंढ़ी) जाति से आती हैं. जेडीयू अब तक वैश्य कोटे से मंत्री नहीं बनाती थी, एनडीए में वैश्य जाति भाजपा के खाते में है. इस बार नीतीश कुमार की पार्टी ने भी वैश्य जाति के विधायक को मंत्री बनाकर बड़ा मैसेज दिया है. सबसे बड़ा मैसेज शिवहर लोकसभा क्षेत्र को लेकर है. इस सीट से लवली आनंद जेडीयू की सांसद हैं. इनके पति आनंद मोहन हैं. आनंद मोहन इन दिनों जेडीयू के बड़े नेता के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. मीडिया में बोल रहे हैं, अब कार्यकारी अध्यक्ष की क्या जरूरत. कई बार यह बात दुहरा चुके हैं. 

हाल ही में उन्होंने कहा था कि जदयू कार्यकर्ताओं में मैसेज जाना चाहिए, दलित-पिछड़े-अति पिछड़ों में मैसेज जाना चाहिए की पार्टी का नियंत्रण नीतीश कुमार के हाथों में है. यह संदेश हर हाल में जाना चाहिए कि जो बड़े फैसले हो रहे हैं वह नीतीश कुमार जी के फैसले हैं, किसी और के थोपे गए फैसले नहीं, प्रायोजित फैसले नहीं हैं. नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री नहीं हैं, ऐसे में पार्टी में कार्यकारी अध्यक्ष की कोई जरूरत नहीं. 

स्पष्ट है, आनंद मोहन का निशाना सीधे तौर पर अपनी ही पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा की तरफ है. अब बारी नेतृत्व का था. सम्राट कैबिनेट का विस्तार हुआ तो जेडीयू विधायक गुप्ता को मंत्री बनाकर शिवहर लोकसभा क्षेत्र के लिए मैसेज दे दिया. न सिर्फ शिवहर क्षेत्र के लिए मैसेज दिया गया बल्कि आनंद मोहन के बेटे व नबीनगर से विधायक चेतन आनंद को मंत्री पद की रेस से बाहर कर दिया गया. 

2029 में 2024 वाली स्थिति न हो जाए

श्वेता गुप्ता को मंत्री बनाकर जेडीयू नेतृत्व ने शिवहर लोकसभा सीट के लिए आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद के लिए प्रतिद्वंदी खड़ा कर दिया. 2024 के लोकसभा चुनाव में वैश्य जाति की सीटिंग सांसद रमा देवी(बीजेपी) का टिकट काटकर आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद को जेडीयू का उम्मीदवार बनाया गया था. एनडीए प्रत्याशी के तौर उनकी जीत भी हुई. हालांकि सीटिंग सांसद रमा देवी का टिकट कटने से वैश्य वोटरों में भारी नाराजगी थी. बड़ी मुश्किल लवली आनंद शिवहर के रण में जीत हासिल कर पाई थीं. पार्टी में कुछ दिनों तक तो सबकुछ ठीक रहा, लेकिन हाल के दिनों में जिस तरह से कार्यकारी अध्यक्ष को निशाने पर लिया जा रहा, इसके बाद आनंद मोहन का परिवार संकट में आ गया है. 

आनंद मोहन हाल के दिनों में जिस तरह से जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष को निशाने पर लिए हैं, कहीं अगला चुनाव उनके लिए महंगा न पड़ जाए. 2024 वाली पुनरावृति 2029 में न दुहरा दी जाए. इसकी संभावना दिखती है. क्यों कि जेडीयू ने वैश्य जाति से आने वाली शिवहर की विधायक श्वेता गुप्ता को मंत्री बनाकर बड़ा प्रतिदंद्धी खड़ा कर दिया है. पार्टी के जानकार बताते हैं कि शिवहर विधायक श्वेता गुप्ता को मंत्री बनाने के पीछे कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा की बड़ी भूमिका है. 

कौन हैं श्वेता गुप्ता 

श्वेता गुप्ता राजनीति में आने से पहले उन्होंने चिकित्सा के क्षेत्र में लंबी सेवा दी है। मूल रूप से सीतामढ़ी की रहने वाली श्वेता ने सीतामढ़ी और शिवहर के इलाकों में डॉक्टर के रूप में काम करते हुए अपनी अच्छी खासी पहचान बनाई। राजनीति का सफर शुरू करने से पहले श्वेता गुप्ता स्थानीय लेवल पर भाजपा से जुड़ी थीं। 2025 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू ने उन पर भरोसा जताते हुए शिवहर के टिकट दिया था। 

जेडीयू ने शिवहर सीट से तत्कालीन विधायक चेतन आनंद को औरंगाबाद के नबीनगर भेजकर श्वेता गुप्ता को चुनावी मैदान में उतारा था। श्वेता ने इस भरोसे को कायम रखा और राजद के नवनीत कुमार को 31398 वोटों के भारी अंतर से हराकर अपनी ताकत दिखाई। श्वेता गुप्ता के पास मेडिकल में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) की डिग्री है।