Bihar Politics: लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के बाद सियासत तेज हो गई है। पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है।
रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सम्राट चौधरी ने कहा कि नारी शक्ति से जुड़े इस विधेयक का अपमान हुआ है और महिलाओं के साथ धोखा किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी जैसे दल इस मुद्दे पर खुशी मना रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ दल अपने परिवार की महिलाओं को तो संसद तक पहुंचाना चाहते हैं, लेकिन देश की आम और गरीब महिलाओं को अवसर नहीं देना चाहते। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की बहन सांसद बन सकती हैं, अखिलेश यादव की पत्नी चुनाव जीत सकती हैं, लेकिन आम महिलाओं को मौका देने में ये दल पीछे हट जाते हैं।
सम्राट चौधरी ने कहा कि अगर यह विधेयक पारित हो जाता, तो यह एक ऐतिहासिक दिन होता। उनके अनुसार, बिहार जैसे राज्य में महिला विधायकों की संख्या 29 से बढ़कर लगभग 122 हो सकती थी और महिला सांसदों की संख्या भी काफी बढ़ती।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा इस मुद्दे को लेकर देशभर में अभियान चलाएगी और विपक्ष से जवाब मांगेगी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राजद ने कभी भी किसी वर्ग को वास्तविक आरक्षण देने का काम नहीं किया। इस दौरान भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दर्शना सिंह, पूर्व मंत्री लेशी सिंह और विधायक ज्योति देवी सहित कई नेता मौजूद रहे।