Bihar Politics: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की सभी कमेटियां भंग किए जाने के बाद बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। इसी बीच लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने पार्टी के फैसले का समर्थन करते हुए नई टीम के गठन को लेकर तेजस्वी यादव को सलाह दी है।



सिंगापुर में रहने वालीं रोहिणी आचार्य ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि आरजेडी की सभी इकाइयों और प्रकोष्ठों को भंग करने का फैसला काफी पहले ही हो जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि नई कमेटी के पुनर्गठन में पार्टी के पुराने नेताओं, समर्पित कार्यकर्ताओं और कट्टर लालूवादियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।



रोहिणी आचार्य ने कहा कि लालू यादव ने हमेशा जमीन से जुड़े सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से पिछड़े लोगों को आगे बढ़ाने का काम किया है। कार्यकर्ताओं को उचित अवसर और सम्मान देना उनकी प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि लालू यादव के सिद्धांतों और उनके दिखाए रास्ते पर चलकर ही आरजेडी को मजबूत किया जा सकता है।



उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि नई आरजेडी टीम में उन कार्यकर्ताओं और नेताओं को मौका मिलना चाहिए, जो वर्षों से पार्टी के प्रति निष्ठा और समर्पण के साथ काम कर रहे हैं। साथ ही संगठन की समझ रखने वाले और जमीनी स्तर पर सक्रिय नेताओं को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।



दरअसल, बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आरजेडी की हार के बाद पार्टी के अंदर मतभेद खुलकर सामने आए थे। आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र और मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव के बीच बयानबाजी भी देखने को मिली थी। वहीं, उपचुनाव से पहले पार्टी के चर्चित प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी भाजपा में शामिल हो गए थे।



इसके बाद आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने गुरुवार को पार्टी की सभी प्रदेश, जिला, प्रखंड और पंचायत इकाइयों के साथ सभी प्रकोष्ठों को भंग करने का आदेश जारी किया। माना जा रहा है कि यह फैसला आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के निर्देश पर लिया गया है। अब पार्टी संगठन का नए सिरे से गठन करने की तैयारी है।



पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में भी आरजेडी को बड़ा झटका लगा था और पार्टी केवल 25 सीटों तक सिमट गई थी। चुनाव परिणाम के बाद लालू परिवार में अंदरूनी विवाद की खबरें सामने आई थीं। इसी दौरान रोहिणी आचार्य ने राबड़ी आवास छोड़ने के बाद कई नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए थे और बाद में सिंगापुर लौट गई थीं।