Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नामांकन के अंतिम दिन राष्ट्रीय जनता दल ने पूर्व विधान परिषद सदस्य सुनील कुमार सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। सोमवार को सुनील सिंह राजद नेताओं के साथ विधानसभा पहुंचे और अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। सुनील सिंह की उम्मीदवारी पर लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक बार फिर से मोर्चा खोल दिया है।


सुनील सिंह को फिर से एमएलसी उम्मीदवार बनाए जाने पर आरजेडी चीफ लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने तीखा हमला बोला है। रोहिणी ने एक्स पर लिखा, “गुटबाजी-भीतरघात-विश्वासघात, मक्कारी जिसकी फितरत, विरोधियों से जिसकी मिलीभगत, नजदीकियों की बात बता कर उगाही- वसूली करना जिसका धंधा, जो अपनी झूठी धौंस जताने के लिए पार्टी कार्यालय में पार्टी के कार्यकर्ताओं - पदाधिकारियों को सामने बिठा कर बहन - बेटियों के बारे में ओछी - अमर्यादित बातें है करता, 


उसको कैसे "उसके" ही द्वारा उम्मीदवार बना दिया गया, जिसे सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे ले जाने, पार्टी की बेहतरी की जिम्मेदारी लालू जी ने सौंपी? समर्पित-निष्ठावान कार्यकर्ताओं - नेताओं का टोंटा पड़ गया क्या ? ऐसे ही लोगों की वजह से वर्षों से मजबूती के साथ खड़े कार्यकर्ताओं - समर्थकों में विक्षोभ - असंतोष भी है और ऐसे ही लोगों की वजह से हुआ नुकसान भी दिख ही चुका है बीते वर्ष के नवंबर के महीने में ..


पार्टी की स्थापना के समय से लेकर आज तक पार्टी के साथ मजबूती से खड़े एक नहीं अनेकों समर्पित, सम्मानित , जमीन से जुड़े कट्टर लालूवादी अल्पसंख्यक चेहरे हैं , यादव , दलित , पिछड़े व् वंचित समाज से आने वाले वरिष्ठ व् युवा लोग हैं , ऐसे लोगों की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय है और पार्टी हित में तो कतई नहीं है ..”।


बता दें कि राजद ने एक बार फिर पार्टी के वरिष्ठ नेता और राबड़ी देवी के करीबी माने जाने वाले सुनील कुमार सिंह पर भरोसा जताया है। विधान परिषद चुनाव के मौजूदा गणित को देखते हुए राजद की एक सीट लगभग तय मानी जा रही है। चुनाव जीतने के लिए करीब 25 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होती है। विधानसभा में महागठबंधन के पास मौजूद संख्या बल के आधार पर राजद आसानी से एक सीट जीत सकता है।