DESK: बिहार की पार्टी मानी जाने वाली आरजेडी ने दक्षिण भारत के राज्य केरल में हुए विधानसभा चुनाव में भी जीत का स्वाद चखा है. खास बात ये है कि आरजेडी केरल विधानसभा चुनाव में जिस गठबंधन के साथ चुनाव लड़ रही थी, उसकी करारी हार हो गई. लेकिन आरजेडी ने अपना प्रदर्शन बरकरार रखा.
केरल में आऱजेडी की जीत
दरअसल केरल में हुए विधानसभा चुनाव में आरजेडी ने सत्तारूढ़ लेफ्ट गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. इस बार के चुनाव में लेफ्ट गठबंधन की करारी हार हुई और कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ को ब़ड़ी जीत हासिल हुई है. लेकिन आरजेडी ने अपना पिछला प्रदर्शन बरकरार रखा.
तीन सीटों पर लड़ी थी आरजेडी
केरल में विधानसभा की कुल 140 सीटों में से आरजेडी ने लेफ्ट गठबंधन (एलडीएफ) से तालमेल कर कुल 3 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे. चुनाव में उसके दो उम्मीदवार हार गये. लेकिन आरजेडी ने केरल की कुथुपरम्बा सीट पर अपना कब्जा कायम रखा. इस सीट पर आरजेडी के उम्मीदवार पी के प्रवीण ने जीत हासिल कर ली.
हालांकि आरजेडी ने इस सीट पर अपने सीटिंग उम्मीदवार का टिकट काट दिया था. 2021 के केरल विधानसभा चुनाव में कुथुपरम्बा सीट से आरजेडी के उम्मीदवार के पी मोहनन ने जीत हासिल की थी. के.पी. मोहनन उस क्षेत्र के कद्दावर नेता माने जाते रहे हैं. लेकिन आरजेडी ने इस दफे उनका टिकट काट कर पी.के. प्रवीण को उम्मीदवार बनाया. आरजेडी की ये रणनीति सफल रही और उसने अपनी सीट बचा ली.
तेजस्वी ने किया था प्रचार
केरल के विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव ने भी प्रचार किया था. उन्होंने केरल की कई सीटों पर जनसभा कर लेफ्ट गठबंधन यानि एलडीएफ के लिए वोट मांगे थे. केरल में चुनाव प्रचार के दौरान अंग्रेजी में भाषण देते तेजस्वी यादव का वीडियो भी वायरल हुआ था.