Bihar Politics: सीवान के दिवंगत पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन के बेटे और रघुनाथपुर से राजद विधायक ओसामा शहाब की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। जमीन कब्जा, मारपीट और तोड़फोड़ से जुड़े मामले में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोतीश कुमार सिंह की अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता नवेंदु शेखर दीपक ने ओसामा शहाब को निर्दोष बताते हुए जमानत देने की मांग की, जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक प्रमिल गोप ने इसका कड़ा विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी। अब बचाव पक्ष ने इस आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की बात कही है।
यह मामला महादेवा थाना क्षेत्र के झुनापुर गांव का है, जहां गोपालगंज की चिकित्सक डॉ. विनय कुमार सिंह की पत्नी डॉ. सुधा सिंह की जमीन पर निर्माण कार्य को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। पीड़ित पक्ष के अनुसार, 14 अप्रैल को फोन कर निर्माण कार्य रोकने की धमकी दी गई थी। इसके बाद 30 से 40 लोगों के साथ मौके पर पहुंचकर हमला किया गया। इस दौरान मजदूरों के साथ मारपीट, जानलेवा हमला, मोबाइल छीनने और सीसीटीवी कैमरे तोड़ने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
पीड़ित डॉक्टर का आरोप है कि यह पूरी घटना ओसामा शहाब के इशारे पर हुई थी, जिसमें फरहान और साबिर नामक व्यक्तियों की भी भूमिका बताई गई है, जिन्होंने कथित रूप से मौके पर तोड़फोड़ और लूटपाट की। अब सबकी नजर इस बात पर है कि उच्च न्यायालय में अपील के बाद ओसामा शहाब को राहत मिलती है या नहीं। फिलहाल, निचली अदालत के फैसले ने उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।