बिहार के इस जिले में प्राइवेट स्कूलों पर नकेल, एडमिशन में मनमाना वसूली पर प्रशासन सख्त; DM ने दिए जांच के आदेश बिहार के इस जिले में प्राइवेट स्कूलों पर नकेल, एडमिशन में मनमाना वसूली पर प्रशासन सख्त; DM ने दिए जांच के आदेश मुंगेर में ATM फ्रॉड का नया तरीका: कार्ड फंसाकर ठगों ने उड़ाए 2 लाख रुपये CBSE 10th Result 2026: जल्द जारी हो सकता है CBSE 10वीं का रिजल्ट, ऐसे चेक करें नतीजे CBSE 10th Result 2026: जल्द जारी हो सकता है CBSE 10वीं का रिजल्ट, ऐसे चेक करें नतीजे वियतनाम में मौत के बाद नहीं लौट पाई पटना के व्यवसायी का पार्थिव शरीर, परिजनों ने सरकार से लगाई गुहार कोर्ट गेट पर नशे का खेल बेनकाब, जेल से छूटे युवक को पुलिस ने दबोचा ‘सरके चुनर’ गाने पर बुरे फंसे संजय दत्त और नोरा फतेही, राष्ट्रीय महिला आयोग ने पेशी के लिए दिया लास्ट चांस ‘सरके चुनर’ गाने पर बुरे फंसे संजय दत्त और नोरा फतेही, राष्ट्रीय महिला आयोग ने पेशी के लिए दिया लास्ट चांस बदल गई देश के इस राज्य की राजधानी, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार ने जारी किया आदेश; जानिए.. नया स्टेट कैपिटल
05-Oct-2020 12:59 PM
PATNA: आरजेडी के सीनियर नेताओं के बेटों को टिकट इस बार भी दिया गया है. आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर सिंह को रामगढ़ से टिकट दिया गया है. इसके अलावे सीनियर नेता शिवानंद तिवारी के बेटे राहुल तिवारी को एक बार फिर शाहपुर से उम्मीदवार बनाया है. आरजेडी नेता जय प्रकाश यादव की बेटी तारापुर से दिव्या प्रकाश को टिकट मिला हैं. कांति सिंह के बेटे ऋषि सिंह को ओबरा से उम्मीदवार बनाया गया हैं.
पिता के सीट से लड़ेंगे चुनाव
जगदानंद सिंह के बेटे अपने रामगढ़ से विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे. इस सीट से जगदानंद सिंह के कई बार विधायक रह चुके हैं. जब वह बक्सर से लोकसभा का चुनाव जीते तो उन्होंने 2010 विधानसभा चुनाव में उन्होंने परिवारवाद का विरोध किया था. जिसके कारण बेटे की हार हो गई थी.
बेटे को बीजेपी ने दिया था टिकट
जगदानंद के बेटे सुधाकार सिंह पार्टी के टिकट पर चुनाव में खड़ा करना चाहती थी. लेकिन, जगदानंद सिंह परिवादवाद का विरोध करते हुए अपने बेटे को आरजडी का टिकट नहीं लेने दिया. इसके बाद जगदानंद के बेटे सुधाकर सिंह बीजेपी में शामिल हो गये और बीजेपी के उम्मीदवार बन गये. जगदानंद सिंह अपने बेटे की राजनीतिक महत्वकांक्षा को नजरंदाज करते हुए रामगढ़ विधानसभा चुनाव क्षेत्र में बेटे का साथ नहीं दिया और पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में डटे रहे. बेटे की हार हो गई, आरजेडी नेता अंबिका यादव जीत को जीत मिल गई.