West Bengal Bypoll: पश्चिम बंगाल में विधानसभा उपचुनाव से पहले ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले खेमे से जुड़े दो उम्मीदवारों के चुनावी मैदान से हटने की खबर सामने आई है। नंदीग्राम के बाद अब रेजीनगर से ममता बनर्जी खेमे के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने भी अपना नामांकन वापस ले लिया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने चुनाव चिह्न को लेकर मतदाताओं के बीच संभावित भ्रम का हवाला देते हुए यह फैसला लिया।



इससे पहले नंदीग्राम से ममता बनर्जी खेमे की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने भी अपना नामांकन वापस ले लिया था। उनका नामांकन वापस लेने का फैसला मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद सामने आया। इसके बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की।



नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। उन्होंने विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज करने के बाद भवानीपुर सीट अपने पास रखी थी। रेजीनगर सीट भी विधायक हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई है।



नंदीग्राम ममता बनर्जी की राजनीतिक यात्रा में लंबे समय से महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है। 2007 का भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन तृणमूल कांग्रेस के राजनीतिक विस्तार में एक अहम घटनाक्रम माना जाता है। 2021 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराया था।



आगामी उपचुनाव में नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों सीटों पर बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों के बीच मुकाबला होगा। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार दोनों सीटों के लिए मतदान 6 अक्टूबर को और मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।