Rahul Gandhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को आपराधिक मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र की ट्रायल कोर्ट में चल रहे मामले में आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। साथ ही महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।
यह मामला वर्ष 2018 में राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर राहुल गांधी की कथित टिप्पणियों से जुड़ा है। इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने मानहानि मामले और ट्रायल कोर्ट की कार्रवाई को रद्द करने की मांग की थी। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया। अदालत ने संबंधित पक्षों से चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने ट्रायल कोर्ट में मानहानि मामले की आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश की भी समीक्षा करने के लिए सहमत हुआ है, जिसमें राहुल गांधी की याचिका खारिज कर दी गई थी।
यह मामला वर्ष 2018 में राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर राहुल गांधी की ओर से की गई कथित टिप्पणियों से संबंधित है। आरोप है कि राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘कमांडर-इन-थीफ’ जैसी टिप्पणी की थी। इस मामले में भाजपा नेता महेश श्रीश्रीमल ने महाराष्ट्र के गिरगांव मजिस्ट्रेट कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी की टिप्पणियां प्रधानमंत्री, सत्ताधारी दल और उसके सदस्यों की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से की गई थीं। इसी शिकायत के आधार पर ट्रायल कोर्ट ने राहुल गांधी को समन जारी किया था। ट्रायल कोर्ट की ओर से समन जारी किए जाने और मामले में आगे की कार्रवाई को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, 8 सितंबर को हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
इसके बाद कांग्रेस नेता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी। राहुल गांधी की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि शिकायत कानूनी रूप से विचारणीय नहीं है। उनका कहना था कि राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में भाजपा या किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाते हुए महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता से जवाब मांगा है। अदालत अब बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश और राहुल गांधी की ओर से उठाए गए कानूनी सवालों पर विचार करेगी।इस आदेश से राहुल गांधी को मामले में अंतरिम राहत मिली है। हालांकि, मानहानि मामले का अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है और आगे की स्थिति सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर निर्भर करेगी।