Bihar Politics: तीसरी सोमवारी के मौके पर लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में हुई भगदड़ में सात लोगों की मौत हो गई थी जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। घटना को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। इसी बीच बांकीपुर से नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर मंगलवार को लखीसराय पहुंचे और हादसे के पीड़ितों से मुलाकात की। 



हादसे में मृतकों के परिजनों और घायलों से मुलाकात के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि लोगों से बातचीत करने के बैद ऐसा दिख रहा है कि जो गंभीरता जिला प्रशासन की तरफ से पूरे मामले में दिखानी चाहिए थी वह नहीं दिखाया गया। लोगों का कहना है कि सावन में हर साल यहां काफी भीड़ होती है। जितनी व्यवस्था प्रशासनिक स्तर पर होनी चाहिए थी उतनी नहीं की गई।



प्रशांत किशोर ने कहा कि यहां के लोगों को एसपी से भी शिकायत है। लोग बता रहे हैं कि एसपी रात के समय लखीसराय में नहीं रहते हैं। दुखद बात यह है कि बिहार में जब कोई भी घटना होती है तो चंद पैसे मुआवजे के तौर पर देकर मामले को रफादफा कर दिया जाता है। इस मामले में अभी तक किसी प्रशासनिक स्तर के अफसर पर कार्रवाई नहीं हुई है। एक दो लोगों की नहीं बल्कि सात लोगों की जान गई है लेकिन बड़े अधिकारियों की कौन कहे एक कांस्टेबल तक को सस्पेंड नहीं किया गया है।



उन्होंने कहा कि सरकार ने लोगों की जान की कीमत चार लाख रुपए लगा दी और घायलों को 10-20 हजार दे दिया और मामला रफादफा हो गया। एक तो प्रशासन ने कोई तैयारी नहीं की और दूसरा कि सरकार ने किसी भी दोषी पर कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की बात नहीं कही। खाली खानापूर्ति करने के लिए जांच का आदेश दे दिया गया। जांच होगी भी तो प्रशासनिक अधिकारी अपनी गलती थोड़े ही ना बताएंगे।



पीके ने कहा कि घायलों का कहना है कि यहां के अस्पताल में कोई व्यवस्था नहीं है। शाम होते होते अधिकतर घायल प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने चले गए। घायलों को अभी तक एक रूपया तक की मदद नहीं मिली है। जनता के पैसों को ही जनता में बांटकर सरकार ने पल्ला झाड़ दिया और अपनी जवाबदेही पूरी कर ली।

रिपोर्ट- नीतीश कुमार, पटना