Prashant Kishor: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव जीतने के बाद जन सुराज के संस्थापक और नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने जनता से जुड़ी एक नई पहल का ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि वे अपने आवंटित सरकारी आवास का इस्तेमाल निजी घर के तौर पर नहीं करेंगे। इसके बजाय, वे पटना के वीआईपी एमएलए हाउसिंग कॉम्प्लेक्स स्थित विधानसभा आवास नंबर 182 को बांकीपुर के लोगों के लिए पब्लिक ऑफिस में बदलना चाहते हैं।
प्रशांत किशोर के मुताबिक, यह कार्यालय ऐसी जगह होगा जहां बांकीपुर के लोग अपनी समस्याओं, शिकायतों और सुझावों को सीधे अपने चुने हुए प्रतिनिधि के सामने रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि ऑफिस आम जनता के लिए खुला रहेगा, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग जगहों पर भटकना न पड़े।
प्रशांत किशोर ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य विधायक और क्षेत्र की जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। बांकीपुर के लोग स्थानीय विकास, सरकारी सेवाओं और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर आवास नंबर 182 पर पहुंच सकेंगे।
उन्होंने सरकारी आवास को निजी सुविधा के बजाय जनता से संवाद का माध्यम बनाने की योजना पर जोर दिया है। उनका कहना है कि विधायक का कार्यालय लोगों के लिए आसानी से पहुंच योग्य होना चाहिए, जहां वे अपनी बात सीधे रख सकें। बांकीपुर के लिए प्रशांत किशोर की योजनाओं में रोजगार भी प्रमुख मुद्दा है। उन्होंने क्षेत्र के 10,000 युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने में मदद करने का लक्ष्य रखा है।
इसके लिए आवास नंबर 182 पर एक व्यवस्था विकसित की जा रही है, जहां पढ़े-लिखे बेरोजगार युवा अपना बायोडाटा जमा कर सकेंगे। इसके बाद एक विशेष टीम उम्मीदवारों की योग्यता और प्रोफाइल के आधार पर उन्हें उपयुक्त रोजगार अवसरों से जोड़ने का काम करेगी।
प्रशांत किशोर को आवंटित विधानसभा आवास नंबर 182 पटना के वीआईपी एमएलए हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में स्थित है। कैबिनेट मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता राम कृपाल यादव का सरकारी आवास भी इसके पास ही बताया गया है।
सरकारी आवास को निजी घर के बजाय जनता के लिए खुले कार्यालय के रूप में इस्तेमाल करने के फैसले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर ध्यान खींचा है। इसे प्रशांत किशोर की राजनीतिक सोच को व्यवहार में उतारने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। उनका जोर इस बात पर है कि सरकारी आवास विधायक और जनता के बीच संपर्क का एक सुलभ और प्रभावी माध्यम बने।