Prashant Kishor: जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने सोमवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया। चुनाव आयोग को सौंपे गए हलफनामे में उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज 8 लंबित आपराधिक मामलों और अपनी संपत्ति सहित अन्य जानकारियां सार्वजनिक की हैं।



चुनावी हलफनामे के अनुसार, प्रशांत किशोर के खिलाफ पटना में 5, जबकि मुजफ्फरपुर, बेतिया और सहरसा में एक-एक मामला दर्ज है। इनमें अधिकांश मामले धरना-प्रदर्शन, सड़क जाम, सरकारी कर्मचारियों के कार्य में बाधा डालने और आपराधिक मानहानि से जुड़े हैं।



हलफनामे के मुताबिक, गांधी मैदान थाना में वर्ष 2024 और 2025 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दो मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में सड़क जाम करने और सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी करने से रोकने के आरोप लगाए गए हैं। इसी तरह सचिवालय थाना और पीरबहोर थाना में भी धरना-प्रदर्शन और सरकारी कार्य में बाधा डालने से जुड़े मामले दर्ज हैं।



वहीं, सहरसा सदर थाना में वर्ष 2024 में मानहानि का मामला दर्ज किया गया। इसके अलावा पटना सीजेएम कोर्ट, बेतिया सीजेएम कोर्ट और मुजफ्फरपुर पश्चिमी एसीजेएम-1 कोर्ट में भी वर्ष 2025 के दौरान उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि के मुकदमे दायर किए गए हैं। प्रशांत किशोर ने अपने हलफनामे में स्पष्ट किया है कि किसी भी मामले में अब तक उन पर आरोप तय नहीं हुए हैं और न ही किसी अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया है या सजा सुनाई है।



जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार किसी विधानसभा चुनाव में स्वयं उम्मीदवार बने हैं। इससे पहले पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्होंने खुद चुनाव नहीं लड़ा था। उनके चुनावी मैदान में उतरने से बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का मुकाबला रोचक हो गया है, जहां उनका सामना भाजपा, राजद समेत अन्य दलों के उम्मीदवारों से होगा।



पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि सोमवार थी। इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।