PATNA : चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने केन्द्र और राज्य सरकारों को बेशर्म बताया है। उन्होनें कहा कि केन्द्र और राज्य सरकारों ने एक दूसरे पर जवाबदेही डाल कर मजदूरों को उनके हाल पर भाग्य भरोसे छोड़ दिया है।औरंगाबाद रेल हादसे में मजदूरों की मौत के बाद प्रशांत किशोरअपना गुस्सा जाहिर किया है।
प्रशांत किशोर ने अपने ट्वीट में लिखा है कि गुमनाम प्रवासी श्रमिक जीवन में और मौत के बाद भी केवल आंकड़ों तक ही सीमित हैं। कुछ अपवादों को छोड़ दें तो केंद्र और राज्य दोनों ने उनको भाग्य और समाज की दया पर बेशर्मी से छोड़ दिया है।
The faceless #MigrantWorkers are reduced to mere statistics...both in their lives and death.
Make no mistake, but for few exceptions, Govts both at center & states have been brazen in leaving them at their fate and the mercy of the greed of the society.#CryforJalna— Prashant Kishor (@PrashantKishor) May 8, 2020
प्रशांत किशोर लगातार प्रवासी मजदूरों का मुद्दा उठा रहे हैं इससे पहले भी उन्होनें ट्वीट कर लिखा था कि महीनों से देश भर में प्रवासी मज़दूरों के साथ जो हो रहा है वो इस बात का प्रमाण है कि अगर आपकी संख्या बड़ी है तो आप भाग्यविधाता तो कहे जा सकते हैं लेकिन अगर आपके पास संसाधन नहीं हैं या आप किसी मज़बूत समूह का हिस्सा नहीं है तो आप सरकारों की प्राथमिकता नहीं हो सकते।
प्रशांत किशोर ने ट्वीट के जरिए केन्द्र और राज्य सरकारों पर बड़ा हमला बोला है। प्रशांत किशोर ने कहा है कि मजदूरों के साथ सरकार दोयम दर्जे का व्यवहार कर रही है। केन्द्र सरकार और राज्य सरकारें अपने यहां से मजदूरों को वापस भेज कर अपनी जिम्मेवारियों की खानापूर्ति करते दिख रही है। मजदूरों के बारे में इनके पास ज्यादा सोचने का वक्त नहीं है। उन्हें घर पहुंचा कर उनके हाल पर भाग्य भरोसे छोड़ दिया है। न तो उनके रहने की सहीं व्यवस्था और न ही खाने-पीने की कोई व्यवस्था है।