Pawan Singh Court Case: भोजपुरी फिल्म अभिनेता और बिहार के एमएलसी पवन सिंह एक बार फिर चर्चे में आ गए हैं। कोर्ट ने पवन सिंह पर नाराजगी जताते हुए उन पर जुर्माना ठोंक दिया है और अगली तारीख को हर हाल में पेश होने को कहा है।
पत्नी से विवाद का है मामला
ये मामला उत्तर प्रदेश के बलिया का है, जहां पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने उनके खिलाफ मुकदमा कर रखा है। सोमवार को बलिया के परिवार न्यायालय में उनकी पत्नी ज्योति सिंह की ओर से दाखिल भरण-पोषण के मामले की सुनवाई हुई, लेकिन पवन सिंह अदालत के सामने पेश नहीं हुए।
मां की तबीयत खराब होने का दिया हवाला
पवन सिंह की ओर से उनके अधिवक्ता अदालत में उपस्थित हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि पवन सिंह की मां की तबीयत खराब है, जिसके कारण वह व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित नहीं हो सके। अधिवक्ता ने इस आधार पर अदालत से अगली तारीख देने का अनुरोध किया।
अदालत ने ठोंका जुर्माना
हालांकि, अदालत ने पवन सिंह की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए उन पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया। इसके साथ ही मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 अक्टूबर की तारीख तय कर दी गई। कोर्ट ने पवन सिंह को अगली तारीख पर हर हाल में पेश होने को कहा है।
ज्योति सिंह वकीलों के साथ कोर्ट में रहीं मौजूद
सुनवाई के दौरान पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह अपने अधिवक्ताओं के साथ परिवार न्यायालय में मौजूद रहीं। दोनों के बीच लंबे समय से चल रहा वैवाहिक विवाद अब अदालत तक पहुंच चुका है और इसमें भरण-पोषण समेत कई मुद्दे शामिल हैं।
2018 में हुई थी शादी
पवन सिंह और ज्योति सिंह की शादी 6 मार्च 2018 को हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के रिश्तों में तनाव की खबरें सामने आने लगीं। धीरे-धीरे यह विवाद इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया।
पवन सिंह ने दाखिल की है तलाक की अर्जी
वैवाहिक विवाद के बीच पवन सिंह ने आरा की अदालत में तलाक की अर्जी दाखिल कर रखी है। वहीं, ज्योति सिंह ने अपने भरण-पोषण के लिए बलिया परिवार न्यायालय का रुख कर रखा है।
ज्योति सिंह ने मांगा है खर्च
ज्योति सिंह ने 22 अप्रैल 2022 को परिवार न्यायालय में भरण-पोषण की अर्जी दाखिल की थी। अपनी याचिका में उन्होंने आरोप लगाया कि 17 अक्टूबर 2019 से उन्हें दैनिक खर्च और दवा-इलाज के लिए पवन सिंह की ओर से कोई आर्थिक सहायता नहीं दी गई।
ज्योति सिंह ने अपने व्यक्तिगत खर्च और घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए हर महीने पांच लाख रुपये के भरण-पोषण की मांग की है।
कोर्ट ने दिया था पेश होने का आदेश
ज्योति सिंह की ओर से दायर इस मामले में 9 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई के दौरान परिवार न्यायालय ने पवन सिंह को नोटिस जारी किया था। अदालत ने उन्हें 5 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया था।
लेकिन निर्धारित तारीख पर भी पवन सिंह अदालत में पेश नहीं हुए। उनके अधिवक्ता ने मां की तबीयत खराब होने का कारण बताते हुए व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट और अगली तारीख देने का अनुरोध किया।
अदालत ने इस बार उनकी अनुपस्थिति को लेकर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया और मामले की सुनवाई के लिए 17 अक्टूबर की अगली तारीख निर्धारित कर दी।
पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच चल रहा यह वैवाहिक विवाद लंबे समय से अदालत में चल रहा है। अब अगली सुनवाई में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पवन सिंह अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होते हैं या उनकी ओर से फिर कोई नया अनुरोध किया जाता है।