PATNA : पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि नीतीश सरकार जनता की पहुंच से दूर जा चुकी है। सरकार ने जनता की जरूरतों को भूला दिया है। राबड़ी नीतीश कुमार को 'नीरस कुमार' की संज्ञा देने के बाद अब उन्हें संकट की घड़ी में पल्ला झाड़ कर भागने वाली सरकार का मुखिया बताया है।
राबड़ी देवी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि जनता की पहुंच से दूर जा चुकी नीतीश सरकार,जनता की जरूरतों को भूल चुकी बिहार सरकार।हर आपदा में, हर बात पर पल्ला झाड़ भागी है, यह बात बड़ी है शर्म की,यह बात बड़ी अभागी है।
जनता की पहुंच से दूर जा चुकी नीतीश सरकार,
जनता की जरूरतों को भूल चुकी बिहार सरकार।
हर आपदा में, हर बात पर पल्ला झाड़ भागी है
यह बात बड़ी है शर्म की,यह बात बड़ी अभागी है। pic.twitter.com/GNyv8i8l8w— Rabri Devi (@RabriDeviRJD) June 4, 2020
राबड़ी देवी नीतीश सरकार पर लगातार हमलावर हैं। कोरोना संकट के दौर में जहां तेजस्वी यादव लगातार सरकार को घेर रहे हैं वहीं राबड़ी देवी भी कही से पीछे नहीं हैं। एक बार फिर उन्होनें कहा कि नीतीश सरकार को बिहार सरकार की जनता से कोई लेना-देना नहीं है, कोरोना संकट में सरकार ने हाथ खड़े कर दिए हैं। राबड़ी देवी का कहना है सरकार जनता की पहुंच से दूर जा चुकी है । राबड़ी ने इसके लिए नीतीश कुमार और सुशील मोदी का कार्टून फोटो शेयर करते हुए बताने और जताने की कोशिश की है कि सरकार अब बिहार की जनता से दूर जा चुकी है।
दो दिनों पहले ही राबड़ी देवी ने सरकार पर हमला बोलते हुए तुकबंदी कर ट्वीट किया था कि पटना में रहकर जनता की पहुंच से ग़ायब नीतीश कुमार है। बेशर्मी से अफ़वाह फैलाने वाला विश्व प्रसिद्ध झूठा सुशील कुमार है। सपेरी सरकार की बदौलत क्वारंटीन सेंटर में सांपों की भरमार है। बिहार के तीन करोड़ गरीब मजदूर लाचार हैं। आपदा में राशन पहुंचाने के बजाय राशन का कालाबाजार है। अस्पताल में जहां स्वास्थ्य व्यवस्था ही बहुत-बहुत बीमार है। मजबूर गरीब पर लाठियों का अमानवीय अत्याचारी प्रहार है। नौकरी मांगने पर जिसके मंत्री करते नौजवानों का तिरस्कार हैं। रोजगार मांगने वालों पर नेता करते गालियों की बौछार हैं। बिहारियों को ही बिहार में ना आने देने वाली सरकार है। बिकी हुई अंतरात्मा वाले दिन दहाड़े लूटते जनाधार हैं। पन्द्रह साल से हर मोर्चे पर केवल हार, हार,हार है और हार है। जहां भूखे को निवाला नहीं और अरबों-खरबों का प्रचार है।और पन्द्रह साल के नीरस कुशासन का बखान करते नीरस सरकार के नीरस कुमार हैं।