PATNA : बिहार में एनडीए की सरकार बनने के बाद शासनिक स्तर पर बदलाव का दौर जारी है। नीतीश सरकार ने चार महत्वपूर्ण आयोगों के सभी अध्यक्षों एवं सदस्यों को पद से हटा दिया है। इसके साथ ही ये आयोग भंग हो गए हैं। इनमें पांच सदस्यीय अति पिछड़ा आयोग, 5 सदस्यीय महादलित आयोग, 5 सदस्यीय राज्य अनुसूचित जाति (एससी) आयोग और 4 सदस्यीय राज्य अनुसूचित जनजाति (एसटी) आयोग के सभी सदस्यों को तात्कालिक प्रभाव से पद मुक्त कर दिया गया है।
शुक्रवार को नीतीश सरकार ने सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को हटा दिया था। महागठबंधन सरकार के दौरान जो मंत्री थे उन्हें जिलों का प्रभार दिया गया था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले दिनों महागठबंधन से नाता तोड़कर राज्य में एनडीए की सरकार का गठन किया। अब कैबिनेट विस्तार के बाद फिर से जिलों के प्रभारी मंत्री बनाए जाएंगे। इसके साथ ही नीतीश ने सभी 38 जिलों में पूर्व में गठित 20 सूत्री समितियों को भी भंग कर दिया। इन समितियों का भी नए सिरे से गठन किया जाएगा।