PATNA: बिहार विधानसभा ने केंद्र सरकार की मुश्किलें बढ़ाने वाला एक और प्रस्ताव पारित कर दिया. विधानसभा में आज प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से जातीय जनगणना कराने की मांग की गयी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर ये प्रस्ताव पारित किया गया.
हंगामे के बीच पारित हुआ प्रस्ताव
बिहार विधानसभा में आज हंगामा मचा था. आरजेडी के विधायक मंत्री प्रेम कुमार के बयान पर आक्रोशित होकर हंगामा कर रहे थे. इसी बीच ये प्रस्ताव रखा गया कि केंद्र सरकार 2021 की जनगणना में जातीय जनगणना को भी शामिल करे. प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया.
बिहार के नेताओं की रही है पुरानी मांग
देश में जातीय जनगणना की मांग लालू यादव से लेकर नीतीश कुमार की पुरानी मांग रही है. ये अलग बात है कि 2011 में जब केंद्र में यूपीए की मनमोहन सरकार थी तो लालू प्रसाद यादव उसके हिस्सा थे. लेकिन तब उन्होंने जातीय जनगणना पर जोर नहीं दिया था. नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बाद लालू यादव ने इस मुद्दे को उठाया. खास कर 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में.
वहीं नीतीश कुमार भी 2015 से ही जातीय जनगणना की मांग के पक्षधर हो गये. उन्होंने भी कई मौकों पर जातीय जनगणना की मांग की. इस साल बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और चुनाव में जाति ही आखिरी फैक्टर होगा. लिहाजा विधानसभा से इसका प्रस्ताव पारित कर दिया गया.