Pappu Yadav: CAA-NRC और कृषि बिल के विरोध में वर्ष 2020 में पटना के प्रतिबंधित क्षेत्रों में हुए धरना-प्रदर्शन से जुड़े दो मामलों में सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बुधवार को विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें दोनों मामलों में जमानत प्रदान कर दी।
सांसदों और विधायकों से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत के न्यायाधीश प्रवीण कुमार मालवीय की अदालत में पप्पू यादव ने सरेंडर किया। इसके साथ ही उनकी ओर से दोनों मामलों में जमानत याचिका भी दाखिल की गई।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने प्रत्येक मामले में 10-10 हजार रुपये के निजी मुचलके तथा समान राशि के दो जमानतदारों के बंधपत्र पर जमानत मंजूर कर ली। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर उन्हें रिहा कर दिया गया।
पप्पू यादव के अधिवक्ता विजय आनंद ने बताया कि पहला मामला कोतवाली थाना कांड संख्या 133/2020 से संबंधित है। इसमें 23 फरवरी 2020 को CAA और NRC के विरोध में पटना के डाकबंगला चौराहा स्थित प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन करने का आरोप है।
वहीं दूसरा मामला कोतवाली थाना कांड संख्या 390/2020 से जुड़ा है, जिसमें 25 सितंबर 2020 को कृषि बिल के विरोध में आयकर गोलंबर स्थित प्रतिबंधित क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन करने का आरोप लगाया गया है। दोनों मामलों में आत्मसमर्पण और जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने पप्पू यादव को राहत देते हुए जमानत दे दिया।