Bihar Politics: पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव अपने विवादित बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। एक प्रेसवार्ता के दौरान महिलाओं पर विवादित बयान देकर पप्पू यादव घिर गए हैं। बिहार राज्य महिला आयोग ने नोटिस भेजकर पप्पू यादव से जवाब मांगा है और पूछा है कि क्यों नहीं उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष से अनुसंशा की जाए।


दरअसल, पूर्णिया में सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सांसद पप्पू यादव ने महिलाओं को लेकर विवादित बयान दिया था। सोशल मीडिया पर पप्पू यादव के इस बयान के वायरल होने के बाद राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया है। 


राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा की तरफ से जारी नोटिस में लिखा गया, “महाशय, उपर्युक्त विषय के संबंध में कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से एक प्रसारित विडियो में राजनीतिक क्षेत्र में कार्य कर रही महिलाओं के प्रति आपके द्वारा घृणित बयान दिया गया है। जिसमें आपके द्वारा यह बात कही गई है कि राजनीति में कार्य कर रही महिलाएँ किसी न किसी राजनेताओं के साथ बेड शेयर करके ही आती है, जो महिलाओं के आत्मसम्मान एवं सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाती है। 


इस पर बिहार राज्य महिला आयोग स्वतः संज्ञान लेते हुए आपसे यह जबाव की मांग करती है कि आपके द्वारा इस तरह की घृणित बयान क्यों दिया गया? साथ ही क्यों नहीं आपके खिलाफ लोकसभा की सदस्यता रद्द करने हेतु लोकसभा अध्यक्ष से अनुशंसा की जाए? अतः अपने उक्त घृणित बयान के संबंध में स्पष्ट जबाव पत्र प्राप्ति के तीन दिनों के अन्दर अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। इसे अत्यावश्यक समझा जाए”।

ब्यूरो रिपोर्ट, फर्स्ट बिहार