Mukesh Sahani FIR: उत्तर प्रदेश के जालौन में विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी समेत पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज होने के बाद पार्टी ने उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं. VIP के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता देव ज्योति ने कहा कि जनहित और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले नेताओं पर मुकदमा दर्ज करना लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने की कोशिश है.


देव ज्योति के अनुसार, 24 अगस्त को जालौन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी बात रखने का प्रयास किया था. इसी घटनाक्रम को आधार बनाकर कोतवाली उरई थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 191(2), 196, 223 और 324(4) का उल्लेख किया गया है.


VIP प्रवक्ता ने कहा कि एफआईआर दर्ज करना पुलिस प्रशासन के अधिकार क्षेत्र का हिस्सा है, लेकिन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग और बात रखने वाले नेताओं व कार्यकर्ताओं को अपराधी की तरह पेश करना स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.


देव ज्योति ने कहा कि VIP लंबे समय से गरीबों, पिछड़ों, वंचितों और निषाद समाज के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाती रही है. उनका आरोप है कि उत्तर प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक आंदोलनों की आवाज को दबाने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई का इस्तेमाल किया जा रहा है.


उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी नेता या कार्यकर्ता को अपनी मांग रखने से रोका जाता है और विरोध करने के बाद उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोग अपनी बात कहेंगे कहां.


पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग

VIP के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता ने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और एफआईआर में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से समीक्षा करने की मांग की. उन्होंने कहा कि पुलिस को किसी भी राजनीतिक दबाव से अलग रहकर कानून और संविधान के अनुरूप कार्रवाई करनी चाहिए.


देव ज्योति ने कहा कि पार्टी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी समेत सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़ी है. उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय, आरक्षण और वंचित समाज के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.


उन्होंने चेतावनी दी कि अगर निर्दोष नेताओं और कार्यकर्ताओं को परेशान किया गया या राजनीतिक दबाव में कार्रवाई आगे बढ़ाई गई, तो VIP लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध करेगी. पार्टी का कहना है कि मुकदमे और प्रशासनिक दबाव के बावजूद सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर उसकी आवाज उठाने का सिलसिला जारी रहेगा.