Bihar Politics: वीआईपी (VIP) सुप्रीमो मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश में कथित रूप से उन्हें हाउस अरेस्ट किए जाने के मुद्दे पर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अघोषित इमरजेंसी जैसी स्थिति है और वहां की सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है।


मुकेश सहनी ने कहा कि किसी राज्य का मुख्यमंत्री यदि विपक्ष के कार्यक्रम को रोकने के लिए नेताओं को हाउस अरेस्ट कर देता है, तो यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। यह तानाशाही का संकेत है। ऐसी सरकार को आने वाले समय में जनता उखाड़ फेंकेगी।


बीजेपी विधायक राजू सिंह मामले पर बोले

वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक राजू सिंह को चार वर्ष की सजा मिलने के सवाल पर मुकेश सहनी ने कहा कि उनके अनुसार यह सजा पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि, जो फैसला आया है, वह सबके सामने है। मेरी राय में उन्हें चार साल नहीं बल्कि 14 साल की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने गंभीर अपराध किया है। सहनी ने पीड़ित परिवार से इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की भी अपील की।


लालू-राबड़ी की सुरक्षा पर सरकार को घेरा

पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा वापस लेने और फिर बहाल किए जाने के मुद्दे पर भी मुकेश सहनी ने बिहार सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के पास जनता के हित में करने के लिए कोई काम नहीं है। सरकार का खजाना खाली है, इसलिए समय-समय पर ऐसे मुद्दे खड़े किए जाते हैं। पहले सुरक्षा वापस ले ली जाती है और फिर कुछ दिनों बाद वापस दे दी जाती है। यह सरकार का विरोधाभासी रवैया है।


प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने पर क्या बोले?

प्रशांत किशोर के आगामी चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर पूछे गए सवाल के जवाब में मुकेश सहनी ने कहा कि यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि उनकी अपनी पार्टी है। हमारी शुभकामनाएं उनके साथ हैं। आगे महागठबंधन तय करेगा कि चुनावी रणनीति क्या होगी और किस तरह आगे बढ़ना है।