Mukesh Sahani: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी आज उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत में आयोजित कार्यकर्ता संवाद एवं प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए निषाद-कश्यप समाज से अपने अधिकारों और आरक्षण की लड़ाई को निर्णायक चरण तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वीआईपी पार्टी का उद्देश्य समाज को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है तथा जब तक निषाद समाज को उसका संवैधानिक अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
मुकेश सहनी ने कहा कि उनका जन्म एक अत्यंत गरीब मछुआरा परिवार में हुआ और कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए उन्होंने मुंबई में सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि समाज की बदहाली देखकर उन्होंने अपना कारोबार और सुख-सुविधाएं छोड़कर सार्वजनिक जीवन का रास्ता चुना। पिछले 12 वर्षों से वह बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में निषाद समाज के सम्मान, आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति में वीआईपी ने अपनी ताकत साबित की और कम समय में सरकार का हिस्सा बनकर समाज की आवाज बुलंद की। उन्होंने आरोप लगाया कि निषाद समाज के अधिकारों की मांग उठाने के कारण उन्हें सत्ता से बाहर किया गया। उन्होंने कहा कि यदि वह समझौता कर लेते तो आज भी मंत्री बने रहते, लेकिन उन्होंने समाज के सम्मान को सत्ता से ऊपर रखा।
वीआईपी संस्थापक ने समाज से आह्वान किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रत्येक गांव में गंगाजल हाथ में लेकर यह संकल्प लिया जाए कि यदि निषाद-कश्यप समाज को आरक्षण नहीं मिलता है तो भाजपा को वोट नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस संकल्प अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने और इसके वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक रूप से प्रसारित करने की अपील की।
मुकेश सहनी ने कहा कि आजादी के दशकों बाद भी निषाद समाज अपना राष्ट्रीय नेतृत्व खड़ा नहीं कर सका, जबकि अन्य समाजों ने अपने नेतृत्व को मजबूत कर राजनीतिक अधिकार हासिल किए। उन्होंने कहा कि समाज को शिक्षा, संगठन और राजनीतिक जागरूकता को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने युवाओं से पंचायत से लेकर संसद तक अपनी भागीदारी बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि केवल वोट की ताकत से ही समाज अपने अधिकार सुनिश्चित कर सकता है।
उन्होंने कहा कि यदि केंद्र और राज्य सरकारें निषाद समाज को आरक्षण देने में विफल रहती हैं तो वीआईपी पार्टी आगे की राजनीतिक रणनीति तय करेगी। उन्होंने कहा कि समाज के हित सर्वोपरि हैं और इसके लिए किसी भी स्तर पर संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने, बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने और समाज को एकजुट करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में वीआईपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बी.के. सिंह, प्रदेश अध्यक्ष हरिओम निषाद, वरिष्ठ नेता प्रेमचंद कश्यप, जिला अध्यक्ष श्रीनिवास कश्यप सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।