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03-Nov-2025 08:04 AM
By First Bihar
Dularchand Yadav murder Case: मोकामा विधानसभा के तारतर गांव में 30 अक्टूबर को हुई दुलारचंद यादव हत्या की जांच अब सीआईडी (CID) भी करेगी। सीआईडी की जांच पुलिस की जांच के समानांतर चलेगी, ताकि किसी के साथ भी पक्षपात न हो। जांच पूरी होने के बाद सीआईडी अपनी रिपोर्ट पुलिस के साथ साझा करेगी। इस मामले की स्वतंत्र जांच के लिए एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि सीआईडी की अलग टीम बनाई गई है।
बता दें कि मामले में अब तक पुलिस ने 80 लोगों को गिरफ्तार किया है। रविवार को पुलिस ने 15 संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की। अधिकारियों ने बताया कि घटना से जुड़े वीडियो फुटेज की मदद से आरोपितों की पहचान की कोशिश जारी है। जल्द ही अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
भदौर थाना क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान हुई झड़प में तारतर गांव निवासी दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी। उनके पैर की एड़ी में गोली मारी गई और इसके बाद उन्हें कार से कुचलकर मार डाला गया। घटना के चार दिन बाद भी पुलिस अभी तक घटना में प्रयुक्त वाहन और हथियार बरामद नहीं कर पाई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की मौत का कारण हृदय और फेफड़ों में चोट बताया गया है।
एसएसपी के अनुसार, घटना के समय अनंत सिंह और पीयूष प्रियदर्शी का काफिला वहां से गुजर रहा था। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई, जिसका परिणाम दुलारचंद यादव की मौत के रूप में सामने आया। पुलिस अनुसंधान में यह पाया गया कि घटना के समय अनंत सिंह सिद्धांत रूप से मौजूद थे, जिसके आधार पर उनकी गिरफ्तारी की गई। रिमांड पर उन्हें हथियार, वाहन और आरोपितों की पहचान से संबंधित पूछताछ के लिए रखा जाएगा।
मोकामा में झड़प और हत्या के मामले में पुलिस की छापेमारी लगातार जारी है। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ एसटीएफ की दो यूनिट और अर्धसैनिक बलों की 13 कंपनियां भी कार्रवाई में लगी हैं। इसके अतिरिक्त, चार क्यूआरटी टीमें भी सक्रिय हैं। एसपी के नेतृत्व में डीएसपी और थानेदार लगातार गश्त और छापेमारी कर रहे हैं। पुलिस घटना से संबंधित वीडियो फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है।
इस हत्या कांड ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है। प्रशासन ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में सख्त निगरानी और सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। यह मामला बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के संदर्भ में भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।