नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के बाद दिल्ली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दिल्ली दौरे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ प्रस्तावित मुलाकात ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की चर्चाओं को और हवा दे दी है।


सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, देवेंद्र फडणवीस दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में केंद्र सरकार के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल सहित कई राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। हालांकि, बैठक के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।


श्रीकांत शिंदे के नाम की चर्चा

राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा हो रही है कि शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, संभावित फेरबदल के दौरान उन्हें केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, केंद्र सरकार या भारतीय जनता पार्टी की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा या पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में फिलहाल इन अटकलों पर अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।


केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं लगातार तेज हैं। अब सभी की नजरें अमित शाह और देवेंद्र फडणवीस की मुलाकात तथा उसके बाद होने वाले संभावित घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं। बता दें कि देशभर में NEET पेपर लीक के विरोध में हो रहे प्रदर्शन के बीच मोदी सरकार के वरीय कैबिनेट मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा ऐसे वक्त में हुआ जब मोदी सरकार पेपर लीक को लेकर लगातार बैकफुट पर है और इस मुद्दे को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन लगातार हो रहा है। 


धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आज छात्रों ने बिहार बंद भी किया। बिहार बंद के दौरान छात्र विरोध प्रदर्शन कर ही रहे थे कि अचानक दोपहर में यह बात फैल गई कि धर्मेन्द्र प्रधान ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपा है। इस बात की जानकारी खुद धर्मेन्द्र प्रधान ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर दी। धर्मेन्द्र प्रधान ने एक्स पर यह लिखा कि..मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।


मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूँ। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं। किंतु 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया एवं पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-based-test) मोड में करने का निर्णय लिया गया।


इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए whole of government approach के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही, छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई। पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली। परंतु इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ।


मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूँ तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूँ। वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं। पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। भारत की युवाशक्ति ही, इस देश की असली ताकत है। देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है। 


जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है।


मैं आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ। साथ ही, मंत्रिपरिषद के अपने सभी सम्मानित सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उन सभी व्यक्तियों का भी आभार व्यक्त करता हूँ, जिनके साथ मुझे कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं इसके लिए सदैव समर्पित रहूँगा। प्रभु श्रीजगन्नाथ जी के आशीर्वाद से मैं भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप में स्वयं को समर्पित रखूँगा। आपका, धर्मेंद्र प्रधान