FIR Against Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। कोलकाता में दिए गए एक बयान को लेकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला बांग्लादेश के हाई-प्रोफाइल हत्याकांड से जुड़े बयान और उसमें भारत के केंद्रीय गृह मंत्रालय व गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेने से संबंधित है।
दरअसल, यह विवाद 2 जून 2026 को कोलकाता के धर्मतला में टीएमसी के धरना प्रदर्शन के दौरान शुरू हुआ। अपने भाषण में ममता बनर्जी ने दावा किया था कि उन्हें बांग्लादेश में हुई एक बड़ी हत्या की साजिश और उसमें शामिल लोगों के बारे में जानकारी है, लेकिन वह इसका खुलासा नहीं करेंगी क्योंकि इससे पड़ोसी देश में अस्थिरता फैल सकती है। उनका इशारा बांग्लादेशी छात्र नेता शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या की ओर माना जा रहा है।
सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ममता बनर्जी ने अपने बयान में देश के गृह मंत्रालय और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी उल्लेख किया, जिससे यह मामला और संवेदनशील हो गया। शिकायतकर्ता वकील रिंकी चटर्जी सिंह का कहना है कि एक सार्वजनिक मंच से इस तरह की संवेदनशील और खुफिया जानकारी का उल्लेख देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।
बांग्लादेश के इंकलाब मंच के संयोजक और भारत विरोधी नेता शरीफ उस्मान बिन हादी को 12 दिसंबर 2025 को ढाका में गोली मारी गई थी। 18 दिसंबर को सिंगापुर के अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी, जिसके बाद बांग्लादेश में भारत विरोधी प्रदर्शन हुए थे।
इस मामले में दो मुख्य संदिग्ध—फैसल करीम मसूद और आलमगीर हुसैन—के कथित तौर पर मेघालय सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने का आरोप है। पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने इन्हें मार्च 2026 में गिरफ्तार किया था और फिलहाल वे भारतीय एजेंसियों की हिरासत में हैं।
ममता बनर्जी के बयान के बाद सीमा पार भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बांग्लादेश में भारत विरोधी गुटों ने इस बयान को लेकर प्रतिक्रिया दी है, हालांकि बांग्लादेश सरकार ने इन दावों से खुद को अलग कर लिया है।
बांग्लादेश की विदेश मामलों की राज्य मंत्री शमा उबैद ने कहा है कि चुनावी माहौल में किसी राजनीतिक नेता की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्यर्पण प्रक्रिया को लेकर भारत सरकार के साथ राजनयिक स्तर पर बातचीत जारी है और इसमें प्रगति हुई है।
सिलीगुड़ी की वकील रिंकी चटर्जी सिंह द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इससे पहले भी इसी वकील द्वारा एक अन्य मामले में शिकायत दर्ज कराई गई थी।