Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि असम चुनाव में भाजपा ने बाहरी वोटरों को शामिल कर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि सांप पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन भाजपा पर नहीं।


उत्तर 24 परगना जिले के तेंतुलिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा असम के स्थानीय मतदाताओं पर भरोसा नहीं कर रही थी, इसलिए वह अन्य राज्यों से लोगों को वहां ले गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश से करीब 50,000 लोगों को ट्रेन के जरिए असम भेजा गया।


मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार होने के कारण देश की कोई भी एजेंसी निष्पक्ष नहीं रह गई है, क्योंकि सभी पर दबाव या प्रभाव है। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है, खासकर आगामी चुनावों के मद्देनजर।


ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि वे सभी 294 सीटों पर उन्हें ही उम्मीदवार मानें। उन्होंने कहा कि यदि लोग तृणमूल कांग्रेस की सरकार चाहते हैं, तो यह समझें कि हर सीट पर वह स्वयं उम्मीदवार हैं।


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं, जिनमें अनुसूचित जाति के लोगों के नाम भी शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके अपने निर्वाचन क्षेत्र में भी कई वोटरों के नाम काट दिए गए हैं, लेकिन उन्हें जनता पर भरोसा है।


ममता बनर्जी ने आगे कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान पश्चिम बंगाल में करीब 90 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि इनमें से लगभग 60 लाख हिंदू और 30 लाख मुस्लिम मतदाता शामिल हैं।


इसी तरह उन्होंने असम में एनआरसी प्रक्रिया का भी जिक्र करते हुए कहा कि वहां 19 लाख नाम हटाए गए थे, जिनमें 13 लाख हिंदू और 6 लाख मुस्लिम शामिल थे। उन्होंने एक बार फिर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उस पर कभी भरोसा नहीं किया जा सकता।