Women Reservation Bill: लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 पारित नहीं हो सका। शुक्रवार (17 अप्रैल) को हुई वोटिंग में बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। संविधान संशोधन के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण यह विधेयक गिर गया।
बिल गिरने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह संविधान पर आक्रमण था, जिसे विपक्ष ने रोक दिया। राहुल गांधी ने दावा किया कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं बल्कि देश के राजनीतिक ढांचे को बदलने की कोशिश थी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार 2023 वाले बिल को आगे बढ़ाए तो विपक्ष पूरा समर्थन देगा।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल महिला आरक्षण का नहीं, बल्कि लोकतंत्र और देश की अखंडता का है। उनके अनुसार परिसीमन और पुरानी जनगणना के आधार पर तैयार किए गए इस प्रस्ताव में ओबीसी वर्ग को शामिल नहीं किया गया, इसलिए यह स्वीकार्य नहीं था। उन्होंने कहा कि यह विधेयक पारित होना संभव नहीं था।
गौरतलब है कि संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत आवश्यक होता है। सरकार ने इस विधेयक के साथ परिसीमन विधेयक 2026 और संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक 2026 को भी चर्चा और पारित कराने के लिए रखा था, लेकिन उन्हें भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका।