PATNA: तमिलनाडु के सीएम एम के स्टालिन के मंत्री बेटे उदयनिधि द्वारा सनातन धर्म को लेकर विवादित बयान देने के बाद बीजेपी और उसके सहयोगी दल इंडिया गठबंधन पर लगातार हमले बोल रहे हैं। बीजेपी के राज्यसभा सांसद और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि सोची समझी रणनीति के तहत इंडिया गठबंधन के लोग हिंदुओं को अपमानित करने की कोशिश कर रहे हैं। 


सुशील मोदी ने कहा है कि एक सोची समझी रणनीति के तहत हिंदू समाज को अपमानित किया जा रहा है। यह अचानक नहीं हुआ है क्योंकि स्टालिन ने जो भाषण पढ़ा वह पहले से लिखा हुआ था। जिस कार्यक्रम में उदयनिधि स्टालिन ने इस तरह का बयान दिया उसका उद्देश्य सनातन धर्म को जड़ से खत्म कर देना था। एनडीए के खिलाफ बना महागठबंधन हिंदू धर्म विरोधी है और हिंदुओं को अपमानित करने का काम कर रही है। 


उन्होंने कहा कि एक तरफ लालू प्रसाद है जो राहुल गांधी के साथ मिलकर मटन पकाते और खाते हैं। लालू यादव थावे मंदिर में दर्शन करने जाते हैं और राहुल गांधी खुद को जनेउधारी ब्राह्मण कहते हैं और सावन के पवित्र महीने में मटन बनाकर खा रहे हैं और उसका वीडियो बनाकर वायरल कर रहे हैं। उधर, स्टालिन ने जिस तरह से सनातन धर्म के बारे में टिप्पणी की है, यह माफी के लायक नहीं है। ऐसे लोगों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।


वहीं बीजेपी नेता आरसीपी सिंह के करीबी रिश्तेदार को बदमाशों द्वारा गोली मारे जाने पर सुशील मोदी कहा कि जिन लोगों ने गोली चलाई ये वह लोग थे जो आरसीपी सिंह की गतिविधियों का विरोध कर रहे थे। जिस शख्स को गोली लगी है वह आरसीपी सिंह के कार्यक्रमों को आयोजित करता है। जब से नीतीश कुमार का आरजेडी के साथ गठबंधन हुआ है बिहार में कानून व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। पिछले एक साल के भीतर डेढ सौ से अधिक ऐसी घटनाएं हैं जिसमें पुलिस पर हमला हुआ। 


सुशील मोदी ने कहा कि बिहार में अपराधियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है उसी का नतीजा है कि आरसीपी सिंह के परिवार के सदस्य पर जानलेवा हमला किया गया। आए दिन हत्याएं हो रही हैं, गवाहों का मर्डर किया जा रहा है। गवाहों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। 


वहीं जेडीयू विधायक गोपाल मंडल द्वारा यह कहने पर कि लालू यादव सठिया गए हैं, इसपर सुशील मोदी ने कहा कि गोपाल मंडल ने कोई गलत बात नहीं कही है लेकिन यह बात अलग है कि वे सहयोगी दल के विधायक हैं उन्हें ऐसा नहीं कहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुंबई में जो बैठक हुई उसका कोई नतीजा नहीं निकला। को-ऑर्डिनेशन कमेटी बनी लेकिन उसमें जो लोग हैं वह बहुत ही कनीय लोग हैं। न तो लोगो लॉन्च कर पाए और ना ही कोई कार्यक्रम ही तय कर सके और ना ही अगली बैठक की कोई तिथि ही तय कर पाए।


उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन के लोग नरेंद्र मोदी का मुकाबला करने चले हैं और एक मैनिफेस्टों भी जारी नहीं कर सके। किस एजेंडा पर वे नरेंद्र मोदी का विरोध कर पाएंगे उसे ये लोग तैयार नहीं कर सके। इनकी बैठक तो पहले दौर में ही टांय टांय फिस हो गई थी। इनकी बैठक का न तो कोई परिणाम निकला है और ना ही आगे निकलने वाला है। पहली बैठक से अरविंद केजरीवाल बायकॉट कर गए, दूसरी बैठक से नीतीश कुमार अचानक वापस चले आए और इस बैठक में ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और अखिलेश यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर चले गए।