Lalu Prasad Yadav: राजद सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव शुक्रवार को आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े एक पुराने मामले में सीवान कोर्ट में पेश हुए। मामला वर्ष 2011 के दरौंदा विधानसभा उपचुनाव से संबंधित है। अदालत में पेशी के दौरान लालू प्रसाद यादव ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया। इसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ आरोप गठित कर दिए। अब इस मामले में ट्रायल चलेगा और गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
दरअसल, यह मामला वर्ष 2011 में हुए दरौंदा विधानसभा उपचुनाव के दौरान बिना अनुमति जनसभा करने, धारा 144 का उल्लंघन करने और प्रतिबंध के बावजूद लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने से जुड़ा है। उस समय लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि वे दरौंदा विधानसभा सीट के प्रत्याशी परमेश्वर सिंह के समर्थन में चुनावी सभा करने पहुंचे थे।
आरोप के मुताबिक, सभा के लिए निर्धारित समय शाम 5 बजे के बाद भी कार्यक्रम जारी रखा गया और प्रतिबंध के बावजूद लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया गया। इस मामले में तत्कालीन अंचलाधिकारी (सीओ) ने लालू प्रसाद यादव और प्रत्याशी परमेश्वर सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
कोर्ट में पेशी से एक दिन पहले गुरुवार की शाम लालू प्रसाद यादव सीवान पहुंचे थे। उन्होंने पचरूखी स्थित एक होटल में रात्रि विश्राम किया। इसके बाद शुक्रवार सुबह वे अदालत में पेश होने के लिए पहुंचे। इससे पहले एसीजेएम-1 (एमपी-एमएलए) कोर्ट की ओर से मामले में समन और वारंट जारी किए गए थे। इसके बावजूद पेशी नहीं होने पर अदालत ने इश्तेहार भी जारी किया था।
शुक्रवार को अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम अरविंद कुमार सिंह की अदालत में लालू प्रसाद यादव पेश हुए। सुनवाई के दौरान अदालत ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 और ध्वनि विस्तारक यंत्र से संबंधित धारा 9 के तहत आरोप गठित किए। लालू प्रसाद यादव ने अदालत में अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को स्वीकार नहीं किया। अब मामले में नियमित ट्रायल चलेगा और गवाही की प्रक्रिया शुरू होगी।
रिपोर्ट- फैयाज अली, सीवान