Lalu Prasad Yadav: चारा घोटाला मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द करने और सजा पर लगी रोक हटाने से इनकार कर दिया है।



यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) की उस याचिका से जुड़ा था, जिसमें एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट से लालू यादव की जमानत रद्द करने की मांग की थी। कोर्ट ने ED की इस मांग को खारिज करते हुए कहा कि लंबे समय से जारी जमानत में हस्तक्षेप करना उचित नहीं होगा।



हाईकोर्ट को छह महीने में अपील पूरी करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को निर्देश दिया कि लालू यादव और अन्य आरोपियों की सजा के खिलाफ दायर अपील पर जल्द फैसला किया जाए। कोर्ट ने अपील की सुनवाई अगले छह महीने के भीतर पूरी करने को कहा है। इस फैसले के बाद लालू यादव की जमानत बरकरार रहेगी, लेकिन सजा के खिलाफ उनकी अपील पर हाईकोर्ट में तेजी से सुनवाई होगी।



2018 में दोषी ठहराए गए थे लालू यादव

दरअसल, चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव और अन्य आरोपियों को वर्ष 2018 में दोषी करार दिया गया था। इसके बाद उन्होंने अपनी सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी, जो अब तक लंबित है।



अपील पर सुनवाई पूरी नहीं होने के कारण वर्ष 2021 में अदालत ने लालू यादव को जमानत दे दी थी। उस समय कोर्ट ने कहा था कि जब तक अपील पर अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक उन्हें जमानत पर रहने की अनुमति होगी।



ED ने की थी जमानत रद्द करने की मांग

प्रवर्तन निदेशालय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर लालू यादव की जमानत रद्द करने की मांग की थी। ED का तर्क था कि मामले में जमानत पर पुनर्विचार किया जाए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया और कहा कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करने का इच्छुक नहीं है। कोर्ट ने जमानत बरकरार रखते हुए हाईकोर्ट को लंबित अपील का जल्द निपटारा करने का निर्देश दिया।