ईरान में फंसे अमेरिकी पायलटों को 36 घंटे में बचाया, ट्रम्प बोले- इतिहास का सबसे साहसी रेस्क्यू CM नीतीश के स्वागत में बवाल: BJP-JDU विधायकों को अंदर जाने से रोका, सुरक्षाकर्मियों से नोकझोंक छापेमारी के दौरान मदरसा से हथियार बरामद, मौलवी सहित 3 को पुलिस ने दबोचा पश्चिम बंगाल विस चुनाव 2026: BJP ने जारी की 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट आरा में पैसे के विवाद में दोस्त ने दोस्त को मारी गोली, युवक की हालत गंभीर बड़े भाई की हत्या का बदला लेने के लिए खुद पर चलवाई गोली, 3 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा बीच सड़क पर रील बनाना पड़ गया महंगा, पुलिस ने कर दी पिटाई, युवक को गाड़ी में जबरन बिठाते वीडियो वायरल पटना में NMCH क्लर्क के घर दिनदहाड़े चोरी, 35 लाख के जेवरात ले उड़े चोर दरभंगा एयरपोर्ट से बेंगलुरु की सीधी उड़ान शुरू, शिक्षा-रोजगार के खुलेंगे नए द्वार दरभंगा एयरपोर्ट से बेंगलुरु की सीधी उड़ान शुरू, शिक्षा-रोजगार के खुलेंगे नए द्वार
19-Aug-2022 08:24 AM
PATNA : बिहार में जब से नई सरकार आई है, बीजेपी लगातार नीतीश-तेजस्वी पर हमला बोल रही है। इसी कड़ी में अब बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने राज्य के नए शिक्षा मंत्री को घेरे में ले लिया है। उन्होंने चंद्रशेखर यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे किताब नहीं कारतूस के शौक़ीन हैं।
सुशील मोदी ने अपने ट्वीटर हैंडल के माध्यम से कहा है कि 2 साल पहले 20 ज़िन्दा कारतूस को छिपा कर लाने के आरोप में arms ऐक्ट का मुक़दमा दर्ज हुआ ।बाद में गलती हो गयी कहने पर कोर्ट ने बरी कर दिया। नीतीश कुमार ने मधेपुरा के विधायक प्रोफेसर चंद्रशेखर के रूप में ऐसे दबंग व्यक्ति को शिक्षा मंत्री बनाया, जो प्वाइंट 315 की दस जिंदा कारतूस बैग में छिपा कर लाने के आरोप में पकड़े गए थे। ऐसे शिक्षा मंत्री क्या सुधार करेंगे और छात्रों को क्या संदेश देंगे?
बीजेपी नेता ने आगे कहा कि दिल्ली के इंदिरा गांधी अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा थाना में चंद्रशेखर के खिलाफ 25 आर्म्स एक्ट और भारतीय दंड विधान 482 के तहत 21 फरवरी 2019 को बैग में छिपाकर जिंदा कारतूस ले जाने की कोशिश में मामला दर्ज हुआ था। हालांकि माननीय विधायक के भूलवश बैग में कारतूस रख लेने की दलील स्वीकार कर हाईकोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया।
मोदी ने ये सवाल पूछा है कि क्या कोई गलती से हवाई यात्रा के बैग में 10 जिंदा कारतूस रख सकता है? उन्होंने कहा कि जब लाइसेंसी रायफल साथ नहीं थी, तब चंद्रशेखर ने इतनी कारतूस क्यों छिपा कर रख ली थी ? पूछताछ में चंद्रशेखर न हथियार का लाइसेंस दिखा पाए, न कारतूस ले जाने की अनुमति का कोई अधिकृत पत्र उनके पास था। किताब की जगह कारतूसों का शौक रखने वाले को शिक्षा मंत्री बनाकर नीतीश कुमार युवाओं को सरकारी नौकरी पाने लायक नहीं, बल्कि अपहरण उद्योग चलाने में माहिर बनाना चाहते हैं।